बलिया। गंगा मुक्ति आंदोलन की दिशाहीनता के मूल में राष्ट्रीय स्तर पर आंदोलकारियों में तालमेल का घोर अभाव है। केंद्र सरकार अब तक गंगा के लिए किए गए अनशन-प्रदर्शन को गंभीरता से नहीं ले रही है।
उक्त बातें गंगा मुक्ति एवं प्रदूषण विरोधी अभियान के राष्ट्रीय प्रभारी रमाशंकर तिवारी ने मंगलवार को गंगा मुक्ति आंदोलन की समीक्षा बैठक में कहीं। उन्होंने कदम चौराहे पर प्रियदर्शन कंप्यूटर के समक्ष गंगा नामक कदम का पौधा लगाया। अगस्त क्रांति की पूर्व संध्या का जिक्र करते हुए श्री तिवारी ने कहा कि गंगा एवं पर्यावरण का अटूट रिश्ता है। जिसके लिए आवश्यक है। एक तरफ जहां उत्तराखंड की पहाड़ियों पर बढ़ रहे कंकरीट के जंगल को रोका जाए वहीं मैदानी इलाकों में भी पौधरोपण कर जनमानस को गंगा की आजादी एवं सुरक्षा का निहतार्थ समझा जाए। इस अवसर पर गंगा मुक्ति सेना के संयोजक जितेंद्र चौबे, शिक्षक सत्य प्रकाश मिश्र, छात्र नेता अशोक यादव, दीपक, पंकज, अनिल, हृदयानंद वर्मा, राकेश विक्रम सिंह, ब्रजेश पांडेय, बालगोविंद आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन अशोक चौबे ने किया।