बलिया। गड़हा महोत्सव में शिरकत करने आईं मालिनी अवस्थी जनता के आकर्षण का केंद्र बनी रहीं। ‘अमर उजाला’ से बातचीत में उन्होंने बताया कि भोजपुरी में अश्लीलता के लिए आयोजक व कैसेट मालिक जिम्मेदार हैं। शनिवार की रात मालिनी के पहुंचते ही गड़हा महोत्सव के अध्यक्ष व सचिव विजेंद्र राय खुद कहार बन मालिनी अवस्थी की डोली को मंच तक लेकर पहुंचाए। मालिनी के मंच पर पहुंचने के बाद कुछ देर के लिए श्रोता भ्रम में पड़ गए कि डोली से कौन आया है।
डोली से निकलते ही मालिनी ने श्रोताओं को अपनी आवाज से परिचय कराया। ‘सुनी लीं अरजिया ऐ छठी मइया...’ से अपने गायन का शुभारंभ किया। अपने लोकप्रिय गीत ‘रेलिया बैरन पिया को लिए जाए रे...।’, ‘सइयां मिलल लरिकइयां मैं क्या करूं...’ ‘छोटका बलम बड़ा निक लागेगा..।’ के साथ ही डांस कर श्रोताओं को झूमने के लिए बाध्य कर दिया। मालिनी को गड़हा मंच से 2012 के भोजपुरी की स्वर कोकिला सम्मान से सम्मानित किया गया। कहा कि कई बार से गड़हा महोत्सव में आने के लिए गोपाल राय से निमंत्रण मिल रहा था, लेकिन व्यस्तता के कारण नहीं आ पा रही थी। उन्होंने भोजपुरी की अश्लीलता के लिए सबसे पहले कार्यक्रम के आयोजक उसके बाद कलाकारों तथा अंत में गीत-संगीत की कैसेट तैयार करने वाली कमर्शियल कंपनियों को जिम्मेदार ठहराया। मालिनी अवस्थी ने कहा कि खाटी माटी की गीत पसंद करती हूं और हर एक कलाकारों को सभी मंचों पर जाना चाहिए, क्योंकि मंच कलाकार से बड़ा होता है। मालिनी ने महोत्सव को भोजपुरी लोकगीत गायकों का महाकुंभ बताया।