बलिया। कई दिनों से सर्द हवाआें एवं धुंध के बाद भगवान भाष्कर के दो दिनों से आसमान में दिखने के बाद साफ हो रहे मौसम ने मेले की रंगत में जान डाल दिया है। अब ददरी मेले में चाहकर न जाने का मन बना चुके लोग भी अपने परिवार के सदस्यों के साथ पहुंचने शुरु हो गए है। समापन से एक दिन पूर्व भी मेले में भीड़ देखने को मिल रहा है।मेले में ग्रामीणांचलों से आई महिलाओं के साथ नगर क्षेत्र के लोगों ने जमकर खरीददारी की।
नगर से सटे ददरी मेले में लगातार तीन-चार दिनों कुहासे के कारण मेलार्थियों का टोटा हो गया था। ऐसे में रविवार के बाद से धूप की किरणों ने अंतिम समय में मेलार्थियों के लिए संजीवनी का काम किया। सोमवार को भी मेले में रविवार की तरह से भीड़ रही। महिलाओं के साथ युवतियों ने जमकर श्रृंगारिक समानों की खरीददारी की।
इस दौरान मेले में आए लोगों ने झूले, चर्खी, चाइल्ड झूला आदि का आनंद लिया। मेले में गैर जनपदों से आई दुकानों पर भीड़ लगी रही। प्लास्टिक, काष्ट कला के समानों की दुकान पर महिलाएं अपने मन पसंद सजावट के समानों की खरीद-फरोख्त करती देखी गई। नई नवेली दुल्हनों ने अपने लिए चूड़ी, कड़ा, बिंदिया, ऊनी साल, आदि की खरीददारी की। वहीं कुछ दुकानदार अपनी दुकान को समेटते नजर आए।
सर्कस देखने वालों की भी भीड़ देखने लायक रही। ठंड के बाद अचानक भगवान भाष्कर की तपिस ने लोगों के लिए मेले का माहौल पूरी से गरम कर दिया। लोगों ने ददरी मेले की पूर्व संध्या पर गरम माहौल में जमकर मेले का लुत्फ उठाया।