लालगंज। विकास खंड मुरलीछपरा अंतर्गत दलकी नंबर एक ग्राम पंचायत के लच्छुटोला और सारंगपुर गांव में अगलगी से निजात के लिए लोगों ने अजीबोगरीब टोटका किया। गांव के कुल 2200 परिवारों ने रविवार की सुबह और शाम चूल्हा ही नहीं जलाया। ऐसा उन्होंने एक साधु के बताने पर किया। विश्वास जताया कि गांव में अब अगलगी की घटना नहीं होगी। द्वाबा के लच्छुटोला और सांरगपुर गांव में हर साल आग से भारी तबाही होती है। हर साल ग्रामीणों की कमाई आग में स्वाहा हो जाती है। ग्रामीण हर हथकंडा अपनाकर थक चुके हैं। इस साल भी आग कहर बरपाएगी ही, ग्रामीण इसी उधेड़-बुन में रोज रहते थे कि दो दिन पहले गांव में आए एक साधु ने यह उपाय सुझाया। प्रधान प्रतिनिािध स्वामीनाथ यादव ने बताया कि दो दिन पहले गांव में एक अज्ञात साधु आए थे। गांव के लोगों ने अगलगी से होने वाली क्षति के बारे में चर्चा की। साधु ने कहा कि यदि गांव के सभी लोग एक दिन चूल्हा न जलाएं तो आग से निजात मिल सकती है। एकजुटता का परिचय देते हुए गांव के कुल करीब 2200 परिवारों ने चूल्हा नहीं जलाया। इसके लिए गांव के ही कुछ लोगों ने टीम बनाकर दरवाजे-दरवाजे जाकर रविवार को चूल्हा न जलाने की अपील की थी। ऐसे में लोगों ने चुड़ा और दही और कुछ ने सत्तू से काम चलाया। कुछ ने एक दिन पहले से बनाई गई खाद्य सामग्री का उपयोग किया। पूरे गांव में एक साथ चूल्हा न जलना अन्य गांव के लोगों में चरचा का विषय बना हुआ है।