बलिया। जिला अस्पताल में स्वीकृत इमरजेंसी कक्ष के निर्माण में धन का बंदरबांट करने के मामले में सहायक अभियंता हरिगोविंद चौबे को जांच में प्रथम दृष्टया दोषी पाया गया है। मंगलवार को पैक्सफेड के प्रबंध निदेशक लखनऊ पीएन सिंह यादव ने उन्हें निलंबित कर दिया।
बसपा सरकार ने वर्ष 2010 में इमरजेंसी समेत अन्य कार्यों के लिए प्रथम किस्त के रूप में दो करोड़ 56 लाख रुपये आवंटित किए गए थे। जबकि महिला अस्पताल के लिए एक करोड़ 37 लाख रुपये आवंटित हुए थे। निर्माण कार्य का जिम्मा पैक्सफेड को दिया गया था। कार्यदायी संस्था द्वारा जिला अस्पताल में निर्माण कार्य कराया जा रहा था। इसके लिए पैक्सफेड के सहायक अभियंता हरिगोविंद चौबे ने अभी तक निर्माण के नाम पर 41 लाख रुपये निकाला है लेकिन मामूली कार्य ही हुआ है। इसका विरोध कुछ दिन पहले नगर विधायक नारद राय ने किया था। परियोजना प्रबंधक दिनेश सिंह ने जांच में गड़बड़ी पाई है। श्री सिंह की रिपोर्ट पर सहायक अभियंता हरिगोविंद चौबे को निलंबित कर दिया गया है। एमडी ने बताया कि निलंबन के बाद अब विभागीय जांच कानपुर के परियोजना अभियंता जितेंद्र सिकरवार को सौंप दिया गया है। बताया कि जांच में आरोप सही पाया जाता है तो विधिक कार्रवाई होगी।