बांसडीहरोड। विकास ख्ंाड दुबहर के टघरौली गांव में बृहस्पतिवार को मनरेगा के कार्य की जांच के लिए टीम पहुंची। जांच के दौरान ही पक्ष और विपक्ष में हाथापाई हो गई।
क्षेत्र के टघरौली निवासी ग्रामीणों ने 18 फरवरी 2013 को जिलाधिकारी को शिकायती पत्र सौंपा था। ग्रामीणों का आरोप था कि मनरेगा मजदूरों को बैगन और अन्य फसलों की निराई व गुड़ाई के लिए पैसे आए थे। जिसके तहत ग्राम प्रधान ने 82100 रुपये निकाल लिया। लेकिन मजदूरों का भुगतान नहीं किया गया। वहीं जिसने काम नहीं किया उसे भुगतान किया। इस प्रकरण की जांच के लिए एडीपीआरओ राकेश कुमार यादव और जेई लालाजी शुक्ला, सचिव राजेंद्र सिंह गुरुवार को टघरौली गांव पहुंचे। जांच के दौरान पक्ष और विपक्ष में हाथापाई हो गई। जांच टीम दोनों पक्षों की बात सुन और कागजों की जांचकर वापस लौटी। एडीपीआरओ राजेश कुमार यादव ने बताया कि जांच के दौरान 2002 की बीपीएल सूची उपलब्ध नहीं हो सकी। जिसमें गड़बड़ी होेने की शंका है। जांच के बाद ही दोषी के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।