बांदा। मंडल कारागार में बंद 52 महिलाओं में से सिर्फ तीन महिलाएं ही करवाचौथ पर सुहाग की सलामती के लिए व्रत रखेंगी। पतियों के रूबरू न होने पर इन महिलाओं ने उनका फोटो सामने रखकर करवा चौथ पूजा करने का फैसला किया है।
गौरतलब है कि करवाचौथ शुक्रवार को मनाया जाएगा। इस दिन सुहागिनें सुहाग की रक्षा के लिए विशेष पूजा-अर्चना करती हैं और व्रत रखती हैं। जेल में इन दिनों विभिन्न मामलों में 52 महिलाएं निरुद्ध हैं लेकिन इनसे बातचीत करने पर पता चला कि करवाचौथ व्रत के लिए सिर्फ तीन महिलाएं ही तैयारी कर रही हैं। अन्य का कहना था कि जेल में रहकर वह इस धार्मिक फर्ज को अदा नहीं कर पा रहीं।
करवा चौथ के लिए व्रत और पूजा को उत्सुक महिला बंदियों में सुनैना देवी, शिमला और कमला देवी शामिल हैं। सुनैना की ससुराल जबलपुर (मध्य प्रदेश) में है। मायका बिछवाही (तिंदवारी) में है। दो साल से दहेज प्रतिषेध अधिनियम में जेल में हैं। जेल में उसका दूसरा करवा चौथ है। इस वर्ष वह पति का फोटो देखकर पूजा-अर्चना करेगी और व्रत तोड़ेगी। सुनैना ने बताया कि परिजनों से पति का फोटो भेजने को कहा है। पूजा सामग्री भी घर से मंगाई है।
शिमला देवी चित्रकूट जनपद के सरैंया गांव की है। उसकी ससुराल लालीपुर (फतेहपुर) में है। अपहरण के मामले में दो माह से जेल में है। पति भी इसी मामले में जेल में है लेकिन दोनों की बैरकें अलग-अलग हैं। शिमला का एक वर्षीय पुत्र भी उसके साथ है। उसने बताया कि करवा चौथ का वह व्रत रखेगी। अगर जेल प्रशासन ने सामान मुहैया करा दिया तो पकवान भी बनाएगी। पति की गैरमौजूदगी में चंद्रमा को देखकर जेल की दीवारों को छूकर व्रत तोड़ेगी। इसी तरह कमला देवी भी करवा चौथ के लिए उत्साह के साथ तैयारी में जुटी हुई हैं।