बांदा। भइयादूज पर जेल में प्रजापिता ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय ने विशेष कार्यक्रम आयोजित किया। सेवाकेंद्र संचालिका गीता बहन ने कहा कि विश्व में जो अशांति और हिंसा का माहौल है वह समाज के लिए हितकारी नहीं है। आपसी सामंजस्य और भाईचारे की भावना बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि हम सभी को आत्मिक स्थिति का अभ्यास करना चाहिए जिसकी याद में भइयादूज पर आत्मिक स्मृति का तिलक लगाते हैं। ब्रह्मकुमारी शालिनी बहन ने कहा कि एक समय में अनेकों को याद करना छोड़ना है। एक को याद करेगा तभी हमें भगवान का आशीर्वाद प्राप्त होगा। इस अवसर पर जेल में एक वर्ष से चल रहे राज योग के विभिन्न अनुभूतियां प्रस्तुत की गईं। डिप्टी जेलर पीके सिंह और रतन सिंह उपस्थित रहे। दीपावली का प्रसाद वितरण हुआ।