नरैनी (बांदा)। क्षेत्र के मुकेरा गांव में रविवार को अखिल भारतीय समाज सेवा संस्थान के सहयोग से जागरूकता आधार स्तरीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को कम लगत से बेहतर उपज लेने के गुर बताए।
पूर्व उप कृषि निदेशक व राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन के सलाहकार रामविशाल पाल ने कहा कि एसडबल्यूआई तकनीक से किसान गेहूं की बुवाई करें।इसमें एक ब ीघा में छह से आठ किलोग्राम बीज पड़ेगा। महंगी रासायनिक खादों की जगह जैविक खाद डालने से पैदावार अच्छी होती है। उन्होंने कहा कि रासायनिक खाद व बीजों की बुवाई एक साथ मिलाकर करने से अंकुरण प्रभावित होता है। किसान घर में जैविक खाद तैयार करे। नीमास्त्र, ब्रह्मास्त्र, अग्नेयास्त्र कीटनाशक भी किसान आसानी से तैयार कर सकते हैं।
इस मौके पर नाबार्ड परियोजना के जिला विकास प्रबंधक अमलेश कुमार ने श्रीविधि अपनाने वाले किसानों का उत्साह बढ़ाया। कहा कि जिले में प्रतिदिन 10 लाख रुपए की साग-सब्जियां बाहर से आती हैं। किसान इस विधि को अपनाए तो आमदनी में भारी इजाफा होगा। जादूगर आरसी योगा ने कार्यक्रम में अपनी कला से लोगों का दिल जीता। ग्राम प्रधान जुगुल किशोर द्विवेदी, रमेश, विजय सिंह, रामदेव, रमाशंकर के अलावा बासुदेव कृषक क्लब इकेलवा, रामजानकी कृषक क्लब मुकेरा के किसान मौजूद रहे। संचालन विनोद सिंह ने किया।