बांदा। यात्रियों से खचाखच भरी पैसेंजर बर्निंग ट्रेन बनने से बाल-बाल बच गई। बोगी से धुआं उठता देख यात्रियों में हड़कंप मच गया। जानकारी मिलने पर गार्ड ने ट्रेन चालक को सूचना दी तो उसने गाड़ी की रफ्तार पर लगाम लगाई। दो स्टेशनों के बीच जंगल में ट्रेन लगभग आधे घंटा खड़ी रही।
घटना बुधवार को दोपहर की है। लगभग 11:30 बजे इलाहाबाद से झांसी जा रही पैसेंजर ट्रेन खोह और चित्रकूट स्टेशनों के बीच थी तभी बोगी नंबर ए-1455 के निचले भाग से धुआं उठने लगा। यह देख उस पर सवार यात्रियों में हड़कंप मच गया। कुछ यात्रियों ने चेन खींचकर ट्रेन रोकने का प्रयास किया लेकिन ट्रेन नहीं रुक सकी। इसी बीच ट्रेन गार्ड की नजर धुएं पर पड़ गई। गार्ड ने वाकी-टाकी से ट्रेन चालक को सूचना दी। चालक ने तत्काल रफ्तार पर लगाम लगाई और ट्रेन रोक दी। दोनों स्टेशनों के बीच जंगल में लगभग आधा घंटे ट्रेन खड़ी रही। ट्रेन कर्मियों ने धुआं उठने वाले स्थान की फाल्ट दुरुस्त की। बाद में ट्रेन आगे बढ़ी।
दूसरी ओर ट्रेन गार्ड और चालक की सूझबूझ से भले ही बड़ा हादसा टल गया लेकिन रेल अधिकारी इसे गंभीरता से नहीं ले रहे। बांदा रेलवे के लाबी कंट्रोलर ने जवाब दिया कि यह मामूली बात है। उन्होंने बताया कि डाइनमा केबिल में शार्ट सर्किट से मामूली आग लगी थी। यह भी कहा कि ऐसी घटनाएं आम बात हैं।
चित्रकूट ब्यूरो के अनुसार, आग लगने का कारण यहां पर लकड़ी लदी होना था, जिसे कर्वी रेलवे स्टेशन पर उतरवा लिया गया। रेलवे स्टेशन मास्टर एके पांडे वहां पहुंचे तो पाया कि ज्वाइंटर पर सरगट्ठे लदे हैं और इनकी वजह से तार टूटकर शार्ट सर्किट हो गया है। उन्होंने बताया कि आग इसी वजह से लगी है।