बांदा। चित्रकूट मंडल के बफर गोदामों में यूरिया खाद का स्टाक तकरीबन खत्म हो गया है। बांदा व हमीरपुर के गोदामों में स्टाक शून्य है। चित्रकूट में 289 व महोबा में 164 मीट्रिक टन यूरिया खाद बची है। सप्ताह भर पूर्व यूरिया की आई एक रैक (2700 मीट्रिक टन) बंट गई। समितियों में भी यूरिया के लाले हैं। पीसीएफ का दावा है कि इस वर्ष मंडल में लक्ष्य से ढाई हजार मीट्रिक टन अधिक यूरिया खाद वितरित की गई है। खाद की कोई कमी नहीं होने पाएगी।
चित्रकूट मंडल में रवी सीजन वर्ष 2012-13 में 68,973 मीट्रिक टन खाद खप गई है जबकि पीसीएफ का इस वर्ष का लक्ष्य महज 66,487 मीट्रिक टन था। अभी यूरिया खाद की मांग चल ही रही है। मंडल के बफर गोदामों में यूरिया का स्टॉक खत्म होने से कृषि विभाग व पीसीएफ के अधिकारी सकते में हैं। स्टॉक में यूरिया खाद पड़ी रहे, इसके लिए पीसीएफ को पिछले वर्ष 25 अक्तूबर को इफको के साथ आईपीएल की एक रैक (1690 मीट्रिक टन) मांगनी पड़ी थी। अब वह भी स्टाक में नहीं है। हाल ही में यूरिया की एक रैक (2700 मीट्रिक टन) आई थी। इसमें 1500 बांदा और 1200 मीट्रिक टन चित्रकूट के हिस्से में आई थी। यह स्टाक भी खत्म हो गया। एक सप्ताह यूरिया की रैक आने की कोई उम्मीद नहीं है। ऐसे में किसानों को यूरिया के लिए भटकना पड़ सकता है। समितियों में खाद सीमित मात्रा में ही बची है। उप निदेशक कृषि उमेशचंद्र ने बताया डीएम के माध्यम से इफको स्टेट मैनेजर से संपर्क किया गया है। सप्ताह भर में यूरिया की रैक आ जाएगी। तब तक किसानों को धैर्य से काम लेना होगा।
पीसीएफ क्षेत्रीय प्रबंधक राजकुमार ने बताया कि चित्रकूट मंडल में यूरिया की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी। आईपीएल यूरिया की रैक दो दिन में आ जाएगी। इफको से भी एक रैक हमीरपुर-महोबा व एक रैक बांदा-चित्रकूट भेजने को कहा गया है। वह भी सप्ताह भर में आ आएगी। बफर गोदामों में यूरिया का स्टाक जरूर नहीं है कमी नहीं है।