बांदा। बाल स्वास्थ्य गारंटी योजना में होम्योपैथिक दवाओं की अनदेखी किए जाने पर आयुष चिकित्सक सरकार की दोहरी नीति का विरोध करेंगे। साथ ही कहा कि मुख्यमंत्री यदि निर्णय में संशोधन नहीं करेंगे तो न्यायालय का दरवाजा खटखटाया जाएगा।
आयुष मेडिकल एसोसिएशन राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं बोर्ड आफ आयुर्वेदिक एंड यूनानी तिब्बी सिस्टम आफ मेडिसिन सदस्य डॉ.मदन गोपाल वाजपेयी ने कहा कि एक ओर सरकार निजी आयुष चिकित्सकों द्वारा एलोपैथिक दवाइयां देने पर उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई कर रही है। दूसरी ओर स्वास्थ्य विभाग, एनआरएचएम और एमओसीएच के तहत कार्यरत आयुष चिकित्सकों से एलोपैथिक दवा का वितरण करा रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री व स्वास्थ्यमंत्री को लिखे पत्र में कहा है कि बाल स्वास्थ्य गारंटी योजना के तहत आयुष डाक्टरों से फोलिक एसिड और विटामिन डी का वितरण कराया जा रहा है। सरकार को फोलिक एसिड की जगह आयुर्वेद का पुनर्नवादि मंडूर, मकोय अर्क, कासनी पत्र चूर्ण तथा अन्य होम्योपैथी, बायोकेमिक औषधियां और विटामिन डी की जगह आयुर्वेद की मुक्ता शुक्ति पिष्टी, शंख भस्म, कपर्द भस्म, सुधाष्टक योग, प्रवाल योग वितरित कराना चाहिए। ये कैल्शियम, आयरन, फोलिक एसिड और विटामिन डी से श्रेष्ठ हानिरहित और प्राकृतिक पूरक योग हैं।