बांदा। सरकारी धान खरीद केंद्र में पिछले वर्ष धान बेचने के बाद किसान 16 माह से भुगतान के लिए चक्कर लगा रहे हैं। लगभग तीन लाख रुपये बकाया है। उधर, किसान क्रेडिट कार्ड की रकम जमा न होने से बैंक ने उनकी आरसी जारी कर दी है। किसानों ने भुगतान के लिए जिलाधिकारी से फरियाद की है।
पिछले वर्ष जनवरी 2012 को खुरहंड खरीद केंद्र में नैफेड के जरिए सरकारी धान की खरीद की गई थी। किसान कौशल किशोर व रामकृष्ण (दुर्गापुर), रामऔतार (गिरवां), सगीर अहमद (हुसैनपुर), जितेंद्र कुमार (बरसड़ां) आदि ने जिलाधिकारी को दिए शिकायती पत्र में कहा है कि उनका भुगतान नहीं दिया गया। जिला प्रबंधक प्रताप छाबड़ा ने उन्हें लखनऊ मुख्यालय जाने की सलाह दी। लखनऊ पहुंचने पर उन्हें भरोसा दिया गया कि झांसी से भुगतान के आदेश दे दिए गए हैं। झांसी में कृषक सहकारी संघ लिमिटेड प्रबंधक शिशुपाल सिंह ने कुछ दिन बाद भुगतान का आश्वासन देकर वापस लौटा दिया।
इसके बाद वह अब फोन भी नहीं रिसीव करते। किसानों ने डीएम को याद दिलाया कि इसके पहले उन्हें प्रार्थना पत्र दिया था। इस पर उन्होंने आरएफसी को भुगतान कराने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद उनका भुगतान नहीं किया गया। उधर, बैंक की ओर से केसीसी ऋण पर रिकवरी जारी कर दी गई।