बांदा। मृतका के पिता हीरालाल की पड़ोसियों से ही नहीं पटती थी। पड़ोसियों ने पंचायत करके कुछ दिनों पूर्व उसका हुक्का-पानी बंद (बायकाट) कर दिया था इसीलिए शादी में ज्यादातर पड़ोसी शामिल नहीं थे। पड़ोसियों ने बताया कि करीब डेढ़ वर्ष पहले हीरालाल के पुत्र मंगल ने तीसरी शादी की थी। तब लोधी (राजपूत) बिरादरी और पड़ोसियों ने हीरालाल से बेटे के शादी के उपलक्ष्य में रस्म के मुताबिक खाना करने को कहा था, लेकिन हीरालाल इसके लिए तैयार नहीं हुआ। अंतत: बिरादरी और पड़ोसियों की पंचायत में हीरालाल और उसके परिवार का बायकाट कर दिया गया। तब से न तो कोई हीरालाल को अपने किसी कार्यक्रम में निमंत्रण देता है न ही हीरालाल ने प्रीति की शादी में अधिकांश पड़ोसियों और बिरादरी वालों को पूछा। ब्यूरो