बांदा। शहर के प्रमुख चौराहों में फुटपाथों पर अतिक्रमण करके बनाई गई पुलिस चौकियों के विरुद्ध दायर की गई जनहित याचिका में इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा दिए गए आदेशों पर जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता (राष्ट्रीय राजमार्ग) और नगर पालिका अधिशासी अधिकारी से 10 दिनों में आख्या मांगी है।
पीयूसीएल मंडलीय सचिव रुद्र प्रसाद मिश्र ने अधिवक्ता सैय्यद अली मंजर के जरिए याचिका में कहा था कि अलीगंज चौराहा, कालू कुआं चौराहा, बलखंडी नाका तिराहा, कालवनगंज चौराहा में फुटपाथों पर अवैध कब्जे करके पुलिस चौकी भवन बनाए गए हैं। इससे सड़क पर आवागमन बाधित हो रहा है। इन अवरोधों को हटाया जाए। सड़क भूमि पर अवरोध या निर्माण उत्तर प्रदेश नगरीय योजना एवं विकास अधिनियम 1973 की धारा 26 ए के तहत अपराध है। इसमें एक वर्ष की कैद और जुर्माने का प्रावधान है। याचिका में सुप्रीम कोर्ट के इस बारे में दिए गए आदेशों का हवाला भी दिया गया। साथ ही इलाहाबाद हाईकोर्ट डिवीजन बेंच की नजीर भी पेश की गई।
याचिका में यह भी कहा गया कि अतिक्रमण हटाने में पक्षपात किया गया। सिर्फ पटरी दुकानदारों को उजाड़ा गया। इस याचिका पर हाईकोर्ट ने हाल ही में यहां के जिलाधिकारी को कार्रवाई के आदेश दिए थे। इस पर जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता राष्ट्रीय राजमार्ग और अधिशासी अधिकारी नगर पालिका से 10 दिनों के अंदर आख्या मांगी है। दोनों विभागों ने जवाब देने के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं।