बांदा। वृद्ध दंपति को मारपीट कर घायल कर देने के जुर्म में दो भाइयों को अदालत ने दो वर्ष के लिए परिवीक्षा अधिनियम के तहत पाबंद कर दिया। इस अवधि में कोई अपराध किया तो दो साल की सजा भुगतनी पड़ेगी।
मटौंध के गुरहा थोक निवासी जगदीश पुत्र श्रीपाल ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 26 मार्च 2001 की रात करीब 10 बजे पड़ोसी ओमप्रकाश और उसका भाई रविंद्रा पुत्र मोहनलाल लाठी-डंडे लेकर उसके घर आए और उसके पिता और मां को लाठी-डंडों से लहूलुहान कर दिया। हमलावर इस बात पर नाराज थे कि उसने उनकी रिपोर्ट दर्ज करा दी थी।
पुलिस ने धारा 323, 504 और 506 आईपीसी का मुकदमा दर्ज किया। तफ्तीश के बाद अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया।
शनिवार को प्रथम अपर एसीजेएम नरेश कुमार ने दोनों आरोपियों को 20-20 हजार रुपये की दो जमानतें और उतनी ही धनराशि के दो बंध पत्र दाखिल करने पर रिहाई के आदेश दिए। साथ ही दो दिन के अंदर जिला परिवीक्षा अधिकारी के समक्ष इस आशय का अनुबंध पत्र दाखिल करने को कहा कि दो वर्ष तक वह किसी तरह का अपराध नहीं करेंगे। अगर अपराध किया तो न्यायालय में हाजिर होकर जेल जाना पड़ेगा।