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एनजीटी में याचिकाकर्ता पर थोपा गया मुकदमा

Banda Updated Thu, 31 Oct 2013 05:42 AM IST
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बांदा। अवैध खनन के विरुद्ध लगातार पैरवी करते हुए नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल में याचिका दायर करने वाले स्वयंसेवी बालू माफियाओं के निशाने पर आ गया है। माफियाओं ने पहला वार दलित उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज कराकर किया है। याचिकाकर्ता समाजसेवी ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग सहित मुख्यमंत्री और अन्य अधिकारियों से अपनी सुरक्षा और न्याय की मांग की है।
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स्वयंसेवी बृजमोहन यादव (उदयपुर) ने आयोग और मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर बताया है कि बुंदेलखंड की केन और बागै नदी में हो रहे लगातार अवैध खनन के विरुद्ध वह पैरवी कर रहा है। इसी सिलसिले में उसने एनजीटी में याचिका दायर की थी। इस पर एनजीटी ने अवैध खनन पर रोक लगाने के आदेश केंद्र व राज्य सरकार और बांदा डीएम व एसपी को दिए हैं। उसकी इस कार्रवाई से बालू माफिया भड़क उठे हैं। साजिश रचकर उसके विरुद्ध बदौसा थाने में एससी/एसटी एक्ट और मारपीट व लूटपाट का झूठा मुकदमा दर्ज करा दिया। उसे और भी मामलों में फंसाने की तैयारी है। बृजमोहन ने उच्चाधिकारियों से कहा है कि दर्ज कराई गई एफआईआर पूरी तरह झूठी है। उच्च स्तरीय जांच करा ली जाए। साथ ही उसे सुरक्षा प्रदान की जाए।
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