बांदा। दो दशक से राजनीति के हांसिए पर जा लगी कांग्रेस का बुंदेलखंड में सबसे ज्यादा रुतबा रहा। बुंदेलखंड की चारों सीटों पर लोकसभा के पिछले 15 चुनावों में कांग्रेस ने 24 सीटों पर अपना परचम लहराया। वर्तमान में भी संसद में कांग्रेस के एक सांसद बुंदेलखंड का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। भाजपा को जहां 12 सीटें जीतने का गौरव हासिल है वहीं बसपा से छह और सपा के पांच सांसद बने हैं।
1952 से पिछले 2009 तक लोकसभा के 15 चुनाव हुए हैं। बुंदेलखंड के सात जनपदों में चार संसदीय क्षेत्र हैं। दो-दो जनपदों को शामिल कर एक संसदीय सीट गठित की गई है। शुरूआती दौर में पूरे बुंदेलखंड में कांग्रेस का वर्चस्व था। 1952 के लोकसभा चुनाव में बांदा से शिवदयाल उपाध्याय, हमीरपुर से मन्नूलाल द्विवेदी, झांसी से सुशीला नैय्यर चुनाव जीते। 1957 में फिर कांग्रेस ने जीत के झंडे गाड़े। बांदा से राजा दिनेश सिंह, हमीरपुर से मन्नूलाल द्विवेदी, झांसी से सुशीला नैय्यर ने जीत हासिल की। कांग्रेस की जीत का सिलसिला चौथे लोकसभा चुनाव में भी बदस्तूर बरकरार रहा। 1962 में बांदा से कांग्रेस की सावित्री निगम, हमीरपुर से मन्नूलाल द्विवेदी, झांसी से सुशीला नैय्यर और जालौन से रामसेवक चुनाव जीते। 1967 में हमीरपुर से स्वामी ब्रह्मानंद, जालौन से चौधरी रामसेवक और झांसी से सुशीला नैय्यर ने जीत दर्ज कराई। 1971 में हमीरपुर से फिर कांग्रेस के स्वामी ब्रह्मानंद को सफलता मिली। जालौन से चौधरी रामसेवक ने लगातार दूसरी बार जीत हासिल की। झांसी में कांग्रेस के गोविंददास रिछारिया चुनाव जीते।
1977 में आपातकाल के बाद हुए लोकसभा चुनाव में बुंदेलखंड में भी कांग्रेस का वही हश्र हुआ जो पूरे प्रदेश में हुआ। चारों सीटों पर कांग्रेस का सफाया हो गया। इस चुनाव में बांदा से जनता पार्टी के अंबिका प्रसाद पांडेय, हमीरपुर से तेज प्रताप सिंह, जालौन से बीएलडी के रामचरन और झांसी में बीएलडी के सुशीला नैय्यर चुनाव जीते। 1980 में एक बार फिर कांग्रेस की बयार बही। बांदा में रामनाथ दुबे, हमीरपुर से डूंगर सिंह, जालौन में नत्थूराम शंखवार और झांसी में विश्वनाथ शर्मा सांसद चुने गए। 1984 में भी कांग्रेस ने विजय का सिलसिला जारी रखा। बांदा से भीष्म देव दुबे, हमीरपुर से स्वामी प्रसाद सिंह, जालौन से लच्छी राम और झांसी से सुजान सिंह ने चुनाव जीता। इसके बाद 1989, 1991, 1996, 1998, 1999, 2004 और 2009 के चुनावों में कांग्रेस का पत्ता साफ रहा। सिर्फ झांसी में पिछले चुनाव 2009 में कांग्रेस के प्रदीप जैन आदित्य जीत सके। अन्य सीटों पर सपा, भाजपा, बसपा और जनता दल का कब्जा रहा।
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हर जनपद में कांग्रेस को जीत मिली ज्यादा
बांदा। बुंदेलखंड के सभी जनपदों में लोकसभा चुनाव में सबसे ज्यादा जीत के मौके कांग्रेस के हाथ लगे। बांदा जनपद में कांग्रेस को पांच, बसपा को तीन, भाजपा और सपा को दो-दो जनता पार्टी, जनसंघ और सीपीआई के उम्मीदवार एक-एक बार जीते। हमीरपुर में कांग्रेस को छह, भाजपा को तीन, बसपा को दो और जनता पार्टी, जनता दल व सपा को एक-एक बार जीत हासिल हुई। जालौन में कांग्रेस को पांच, भाजपा को चार और सपा, जनता दल, बसपा व बीएलडी को एक-एक बार जीतने का मौका मिला। झांसी में कांग्रेस ने आठ बार संसदीय सीट पर कब्जा किया। भाजपा को सिर्फ तीन मौके मिले। सपा और बीएलडी को एक-एक बार जीत हासिल हुई।