बांदा। पोलिंग पार्टियों को मतदान केंद्रों तक भेजने से लेकर जोनल, सेक्टर मजिस्ट्रेटों और सुरक्षा कर्मियों के भ्रमण के लिए हल्के और भारी वाहन जुटाने में निर्वाचन विभाग को दांतों पसीने आ रहे हैं। चित्रकूटधाम मंडल के चारों जनपदों में 2633 वाहनों की दरकार है। परिवहन विभाग ने 2148 वाहन जुटा लिए हैं। 485 वाहन जुटाने मेें विभाग को पसीने छूट रहे हैं। चुनाव ड्यूटी के लिए 1495 हल्के और 1138 बड़े वाहनों की दरकार है। पुलिस और परिवहन विभाग निजी वाहनों को भी कब्जाने में जुट गए हैं। वाहन मालिकों के घरों पर नोटिसें भेजी जा रही हैं।
चित्रकूटधाम मंडल संभागीय परिवहन विभाग इन दिनों चारों जिलों में वाहन जुटाने के लिए रात दिन हलाकान है। हमीरपुर को छोड़कर तीन जनपदों बांदा, चित्रकूट और महोबा में वाहनों का भारी टोटा है। मंडल में 1495 हल्के वाहनों की जरूरत है। उपलब्ध सिर्फ 1141 हुए हैं। परिवहन विभाग 354 और वाहनों की तलाश में जुटा हुआ है। बांदा में 499 हल्के वाहन चाहिए। अब तक 378 मिले हैं। 131 की कमी हैं। चित्रकूट में 294 की जरूरत है और 130 उपलब्ध हुए हैं। 164 वाहनों की कमी हैं। महोबा में 202 हल्के वाहनों की जरूरत है। अब तक 113 मिल सके हैं। परिवहन विभाग 89 वाहनाें की और तलाश कर रहा है। अलबत्ता हमीरपुर जनपद मेें जनपद में जरूरत से ज्यादा वाहन उपलब्ध हैं। यहां 500 हल्के वाहनों की जरूरत है और उपलब्ध 520 हैं।
भारी वाहनों की भी यही स्थिति है। चारों जनपदों 1138 वाहन चाहिए। उपलब्ध सिर्फ 1007 हैं। परिवहन विभाग 131 बड़े वाहन और तलाश रहा है। बांदा मेें 460 वाहनों की जरूरत पड़ेगी। 296 उपलब्ध हैं। 164 की कमी हैं। चित्रकूट में 229 वाहन चाहिए। 207 उपलब्ध हैं। 22 की कमी हैं। महोबा में 157 बड़े वाहन चुनाव ड्यूटी में लगेंगे। 149 उपलब्ध हैं। सिर्फ 8 की कमी हैं। अलबत्ता हमीरपुर में जरूरत से ज्यादा बड़े वाहन उपलब्ध हैं। यहां 292 वाहनों की जरूरत है और 355 माजूद हैं।
निजी वाहनों से की जाएगी कमी पूरी
बांदा। चित्रकूटधाम मंडल संभागीय परिवहन अधिकारी (आरटीओ) दिनेश कुमार पांडेय का कहना है कि वाहनों की कमी पूरी करने के लिए निजी वाहन स्वामियों से संपर्क किया जा रहा है। उनसे अनुरोध किया जा रहा है कि लोकतंत्र के इस पर्व मेें चुनाव ड्यूटी के लिए वाहन देकर मदद करें। उन्होंने बताया कि होमगार्ड और पुलिस ड्यूटी के लिए 105 बसें और 12 मिनी बसें रोडवेज से ली गई हैं। सभी वाहन 27 अप्रैल से पहली मई तक के लिए अधिग्रहीत किए जा रहे हैं। दूसरी तरफ तमाम निजी छोटे वाहन स्वामियों से रोष जताया कि पुलिस उनके घरों में नोटिसें लेकर वाहन देने की धमकी दे रही है। सिर्फ अपने निजी इस्तेमाल के लिए लाए गए वाहनों को प्रशासन अधिग्रहीत नहीं कर सकता। वाहन स्वामियों ने चेतावनी दी है कि चुनाव की आड़ में नागरिकों के अधिकारों का हनन किया गया तो संबंधित अधिकारियों को पार्टी बनाकर सीधे हाईकोर्ट में रिट दायर की जाएगी।