बांदा। मूल्यांकन के दूसरे दिन भी 214 परीक्षकों और 7 उप प्रधान परीक्षकों ने आमद नहीं दर्ज कराई। इससे मूल्यांकन का कार्य प्रभावित हुआ। शनिवार को बजरंग विद्यालय में हाईस्कूल की 12 हजार 837 और जीआईसी में इंटर की 6996 उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन हुआ। हाईस्कूल की एक लाख 16 हजार 681 और इंटर की एक लाख 13 हजार 491 कापियों का मूल्यांकन होना है।
राजकीय इंटर कॉलेज में इंटरमीडएट की एक लाख 22 हजार 470 कापियों का मूल्यांकन किया जाना है। यहां दूसरे दिन 6 हजार 996 कापियां जांची गईं। दो दिन में 7 हजार 452 कापियों का मूल्यांकन हुआ। हालांकि शनिवार को भी 303 परीक्षकों में 84 गैरहाजिर रहे। 38 उप प्रधान परीक्षकों में 7 ने आमद नहीं दर्ज कराई। उनके स्थान पर सीनियर परीक्षकों को जिम्मेदारी सौंपी गई। तीन कोठार केंद्रों में उत्तर पुस्तिकाएं रखी गई हैं। 14 कक्षों में मूल्यांकन की व्यवस्था है। उप नियंत्रक राजकुमार सिंह ने डिप्टी हेड व परीक्षकों को मूल्यांकन के टिप्स दिए। डीआईओएस एनडी वर्मा ने मूल्यांकन केंद्रों का निरीक्षण करते हुए कहा कि परीक्षक उत्तर पढ़ने के बाद ही वाजिब नंबर दें। 46 टोलियों में डीएचई मूल्यांकन कर रहे हैं। केंद्र में अव्यवस्थाओं का बोलबाला रहा। परीक्षक पेयजल को तरस गए।
उधर, आदर्श बजरंग इंटर कॉलेज में आवंटित हाईस्कूल की एक लाख 29 हजार उत्तर पुस्तिकाओं में दूसरे दिन 12 हजार 837 कापियां जांची गई। यहां 450 परीक्षकों में 130 गैरहाजिर रहे। 15 कक्षों में डीएचई की 46 टोलियों ने कापियों का मूल्यांकन किया। उप नियंत्रक मेजर मिथलेश कुमार पांडेय ने बताया कि पहले दिन 46 डीएचई में 14 अनुपस्थित रहे। इनकी जगह सीनियर परीक्षकों को डीएचई की जिम्मेदारी दी गई है। परीक्षकों की कमी वित्तविहीन शिक्षकों से पूरी की जाएगी।