बांदा। बोर्ड उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य जल्द खत्म करने के प्रयास में परीक्षकों से मानक से ज्यादा कापियां जंचवाई जा रही हैं। रसायन विज्ञान की बची 5,500 कापियां 11 परीक्षक 7 दिन में जाचेंगे। शुक्रवार को इंटर की 10,647 और हाईस्कूल की 8,791 कापियों का मूल्यांकन हुआ। अब तक हाईस्कूल व इंटर की 1,40,342 कापियां जांची जा चुकी हैं। 74,796 कापियां शेष हैं।
जीआईसी में 34 उप प्रधान परीक्षक और 312 परीक्षकों ने 34 टोलियों में इंटर की 10,647 कापियों का मूल्यांकन किया। यहां अब तक 8 दिनों में 72,747 कापियों का मूल्यांकन पूरा हो गया है। जंचने के लिए 48,875 उत्तर पुस्तिकाएं शेष हैं। सिलाई-कढ़ाई की 377 कापियों के परीक्षक न होने पर इनके मूल्यांकन की शुरुआत अभी नहीं हुई है। रसायन विज्ञान की भी 5,500 कापियां जंचना शेष हैं। सप्ताह भर में 11 परीक्षकों को इनका मूल्यांकन करना है। यानी प्रति परीक्षक मानक (50 कापी) से ज्यादा 68 कापियां जांचनी होंगी। तभी 26 अप्रैल तक ये जंच पाएंगी। इसके बाद परीक्षकों को चुनावी ड्यूटी में जाना पड़ेगा। उप नियंत्रक आरके सिंह ने बताया कि इंटर में अर्थशास्त्र, तर्कशास्त्र, एग्रोनामी और शार्टहैंड की कापियों का मूल्यांकन पूरा हो गया है। शेष कापियां भी समय से जंच जाएंगी। उधर, बजरंग इंटर कॉलेज में हाईस्कूल की 8,791 कापियों का मूल्यांकन किया गया। अब तक यहां 67,595 कापियां जंच चुकी हैं। 59,621 कापियां शेष हैं। यहां 450 परीक्षकों में 90 गैरहाजिर हैं। कंप्यूटर, कृषि, टेलरिंग, गृहविज्ञान (बालक) विषयों की कापियों का मूल्यांकन पूरा होने पर चार डीएचई रिलीव कर दिए गए।
गुरु की गरिमा की सौदेबाजी करने से भी परीक्षक नहीं चूक रहे। इसका ताजा उदाहरण शुक्रवार को हाईस्कूल मूल्यांकन केंद्र में इस संवाददाता ने देखा। कक्ष संख्या 16 में एक परीक्षक ने कापी के अंतिम पेज में लिखे परीक्षार्थी के मोबाइल नंबर पर अपने मोबाइल से फोन मिलाया। छात्र से कहा कि इस विषय में पास होना है तो उनके (टीचर के) खाते में एक हजार रुपये डाल दे। परीक्षक ने अपना खाता नंबर भी छात्र को नोट कराया। उधर, उप नियंत्रक ने ऐसी जानकारी से इनकार किया। कहा कि शिकायत मिली तो परीक्षक पर कार्रवाई की जाएगी।