बांदा। जनपद में शुक्रवार को आसमान से बरसे अंगारों से सूरज के सितम ने इस साल गर्मी के सारे रिकार्ड तोड़ दिए। दिन भर तमतमाते सूरज ने अधिकतम पारा 49 डिग्री सेल्सियस पहुंचा दिया। ये सामान्य से 5 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा। पारे के इस पैमाने ने जून में गर्मी के पिछले कई सालों के रिकार्ड ध्वस्त कर दिए। इससे पहले 14 जून 2012, 18 जून 2005 और दो जून 2003 को भी पारे ने 48 डिग्री सेल्सियस का बैरियर लांघा था। दशकों बाद न्यूनतम 32.5 डिग्री तापमान दर्ज हुआ है। पशु-पक्षी भी बेहाल रहे। पानी की तलाश में दूर-दूर भटके। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक अभी लोगों को तपन से राहत नहीं मिलेगी।
सुबह सवा पांच बजे सूर्योदय के चंद घंटों बाद ही दिन तपने लगा। सुबह 9 बजे के बाद सूरज ने आग बरसाना शुरू कर दिया। दिन में करीब 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली गर्म पछुवा हवा ने और सितम ढाया। दोपहर में शवाब पर आई तपन का असर सड़कों व बाजारों में पसरे सन्नाटे के रूप में दिखा। दोपहर एक बजे के बाद पारा 49 डिग्री सेल्सियस पहुंचा तो अगले ढाई घंटे के भीतर गर्मी के सारे रिकार्ड टूट गए। भरी दोपहर में बाइक सवारों के हाथ व पैर जलते महसूस हुए तो लोग बस सड़कों के किनारे छांव की तलाश करते रहे। भीषण गर्मी से लोग घरों पर दुबके रहे तो दफ्तरों व सड़कों पर गर्मी से बचाव के उपाय करते दिखे। घरों व दफ्तरों पर फुल स्पीड पर चले पंखे व कूलरों से भी राहत नहीं मिली। ज्यादातर लोग एसी दफ्तरों में दुबके रहे। उधर, न्यूनतम तापमान 32.5 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड हुआ। दिन की तपन का एहसास देर शाम तक महसूस किया गया।
चार्ट
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पिछले तीन सालों में खूब तपा जून
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तारीख 2012 2013 2014
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6 जून 45 44 49
5 जून 43 43.5 48
4 जून 40 42 46
3 जून 46 42 46
2 जून 46 40 45.2
1 जून 45 45 45
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