बांदा एक तरफ जहां शहर में पानी के लिए त्राहि-त्राहि मची है वहीं जल संस्थान कर्मचारी पानी की बर्बादी कर रहे हैं। शहर के खुटला, छोटी बाजार, कटरा, क्योटरा, खिन्नी नाका आदि इलाकों में 24 घंटे में मुश्किल से 15 से 20 मिनट जलापूर्ति होती है। उसका भी कोई समय निर्धारित नहीं है। कभी-कभी लोग सोते रह जाते हैं और सुबह 5 बजे नल आने के बाद चले जाते हैं। ऐसी मुश्किल हालातों के बावजूद जल संस्थान के टैंकरों में जगह-जगह पानी की बर्बादी दिखाई देती है।