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हत्या के मामले में चार भाइयों समेत पांच को उम्रकैद

Banda Updated Wed, 23 Jul 2014 05:30 AM IST
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बांदा। दिनदहाड़े युवक को गोलियों और हथियारों से मौत के घाट उतार देेने के जुर्म में चार सगे भाइयों समेत पांच आरोपियों को अदालत ने सश्रम आजीवन कारावास और 10-10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
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बबेरू कोतवाली क्षेत्र के तरायां गांव में 14 सितंबर 2008 को दिन में करीब दो बजे 30 वर्षीय विवेक सिंह पुत्र लाल सिंह पर हमला करके उसके दुश्मनों ने मौत के घाट उतार दिया। विवेक के साथ उसके दो चचेरे भाई भी थे। यह घटना दुश्मनों के दरवाजे अंजाम दी गई। गोली, बरछी, कुल्हाड़ी, फरसा, लाठी आदि से हुए हमले में विवेक को 16 चोटें आईं। मृतक के पिता लाल सिंह ने मृतक के पिता लाल सिंह ने चार सगे भाइयों राजेंद्र सिंह, महेंद्र सिंह, नागेंद्र सिंह और कल्लू सिंह उर्फ नरेंद्र पुत्रगण परसन तथा बच्चू पुत्र रामकृपाल सिंह के विरुद्ध नामजद मुकदमा दर्ज कराया। यह सभी तरायां गांव के हैं।
विवेचना के बाद पुलिस ने पांचों के विरुद्ध आरोप पत्र दाखिल कर दिया। अभियोजन की ओर से एडीजीसी मिस्कीन अली ने सात गवाह पेश किए। मंगलवार को अपर सत्र न्यायाधीश पंचम संजय सिंह ने मामले का फैसला सुनाया। न्यायाधीश ने पांचो आरोपियों को हत्या का दोषी पाते हुए सश्रम उम्र कैद और दस-दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने पर तीन माह और जेल में बिताने होंगे।
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अतर्रा के चर्चित मामले में सभी आरोपी बरी
बांदा। संदेह का लाभ पाकर हत्या के जुर्म मे फंसे सात अभियुक्त अदालत से बरी हो गए। अतर्रा नगर का यह चर्चित मामला 8 सितंबर 2008 का है। दिनेश शिवहरे के लोधू थोक स्थित बाड़ा में पवन शिवहरे उर्फ चिंटू (25) की लाश जली अवस्था में पाई गई थी। पिता दिनेश शिवहरे ने थाने में तहरीर दी थी। उधर, अतर्रा के ही श्यामसुंदर पाठक ने पंकज पाठक की गुमशुदगी दर्ज कराई। बाद में कहा कि अतर्रा निवासी शव पंकज पाठक है। पवन शिवहरे उर्फ चिंटू सही सलामत है। श्यामसुंदर पाठक ने दिनेश शिवहरे, सौरभ शिवहरे, अमित शिवहरे, चुन्नी देवी े, डिंपी देवीे, कल्लू उर्फ शैलेंद्र और बच्ची यादव के विरुद्ध हत्या समेत कई धाराओं का मुकदमा दर्ज कराया। मंगलवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश रामकृष्ण गौतम ने संदेह का लाभ देते हुए सभी आरोपियों को बरी कर दिया।
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शब्बीर हत्याकांड के आरोपी का सरेंडर
बांदा। शहर के चर्चित शब्बीर हत्याकांड के आरोपी मुदित शर्मा ने गैंगेस्टर एक्ट में वांछित होने के बाद मंगलवार को विशेष न्यायाधीश (गैंगेस्टर एक्ट) की अदालत में सरेंडर कर दिया। उसकी जमानत अर्जी भी खारिज हो गई। उसे जेल भेज दिया गया। आरोपी मुदित इलाहाबाद उच्च न्यायालय से सेमडे सुनवाई का आदेश लाया था। सरेंडर के बाद जमानत अर्जी पर बहस हुई। दोनों पक्षों को सुनने के बाद विशेष न्यायाधीश सुनील कुमार श्रीवास्तव ने जमानत अर्जी खारिज कर दी। मुदित को जेल भेज दिया गया। इसी मामले के आरोपी कल्लन खां को पहले ही जेल भेजा चुका है।
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