बांदा। समाजवादी पार्टी के आधा दर्जन से ज्यादा जिला पंचायत सदस्य और नेताओं ने शायद पार्टी के खिलाफ बगावत के तेवर अख्तियार कर लिए हैं। सपा के जिला पंचायत अध्यक्ष महेंद्र सिंह वर्मा के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की नोटिस देने के बाद सपा जिलाध्यक्ष द्वारा इन सभी सदस्यों को जारी की गई ‘कारण बताओ नोटिस’ के बाद भी सदस्य ढीले नहीं पड़े हैं। उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष को पत्र भेजकर सपा के पदाधिकारियों को लालची बता डाला है।
जिला पंचायत अध्यक्ष के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव की नोटिस के बाद सपा जिलाध्यक्ष शमीम बांदवी ने पांच जिला पंचायत सदस्यों और तीन अन्य नेताओं (जिला पंचायत सदस्यों के पतियों) को नोटिस देकर तीन दिन में स्पष्टीकरण मांगा था। फिलहाल सदस्यों ने इस नोटिस का जवाब तो नहीं दिया अलबत्ता सपा प्रदेश अध्यक्ष को पत्र भेजकर आरोप लगाया है कि सपा के सत्ता में आने के बाद बांदा जनपद के सपा पदाधिकारियों को प्रलोभन देकर महेंद्र सिंह वर्मा सपा में शामिल हो गए और जिला पंचायत अध्यक्ष बन गए। उनके कारण पार्टी की छवि धूमिल हो रही है। सपा की चौतरफा थू-थू हो रही है। इसी से क्षुब्ध होकर 18 सदस्यों ने अविश्वास नोटिस दी है। सदस्यों ने अध्यक्ष को पार्टी से निष्कासित करते हुए जांच की मांग की है। यह पत्र भेजने वाले जिला पंचायत सदस्यों में आराधना यादव, गीता सागर, कमलेश श्रीवास सहित कलावती, कुसुमा देवी, धर्मेंद्र सिंह, भगवती विश्वकर्मा, रामकृपाल पटेल, ब्रजमोहन यादव, रामप्रकाश साहू, ज्ञानबाबू सोनकर, भानु प्रताप सिंह, धीरज राजपूत आदि शामिल हैं।