बांदा। अधिवक्ता के विरुद्ध खनिज कार्यालय की महिला लिपिक के मुकदमा दर्ज कराए जाने से जिला अधिवक्ता संघ नाराज है। खनिज अधिकारी के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए उसने पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन देकर कड़ा विरोध जताया है। कहा है कि पुलिस के इकतरफा रवैए से अधिवक्ताओं में रोष है।
शनिवार को जिला अधिवक्ता संघ अध्यक्ष अशोक कुमार शुक्ल और महासचिव जयराज सिंह के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर ज्ञापन दिया। कहा कि ट्रैक्टर रिलीज आख्या न भेजे जाने पर अधिवक्ता सत्यदेव त्रिपाठी खनिज कार्यालय गए थे। खनिज अधिकारी हवलदार सिंह यादव ने रिपोर्ट भेजने के लिए एक हजार रुपये लेने की दर निर्धारित कर रखी है। यह पैसा न देने पर रिपोर्ट नहीं भेजी जाती है। अधिवक्ताओं ने खनिज अधिकारी पर मुकदमें के पैरोकाराें और अधिवक्ताओं को जलील करने का भी आरोप लगाया। कहा कि अधिवक्ता सत्यदेव त्रिपाठी ने इसी अवैध वसूली का विरोध किया तो खनिज अधिकारी ने अपनी महिला कर्मचारी शन्नो देवी से उनके विरुद्ध झूठे आरोपों का मुकदमा दायर करा दिया।
अधिवक्ता संघ ने एसपी से इस बात पर असंतोष जताया कि अधिवक्ता संघ को संज्ञान में लिया बिना वकील के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर ली जबकि एसपी का काम सामंजस्य बनाकर कार्रवाई करने का है। इससे अधिवक्ताओं में बहुत रोष है। झूठे मुकदमे की जांच कराकर निरस्त करने की मांग की ताकि कोई विवाद न पैदा हो। अधिवक्ताओं ने खनिज अधिकारी पर अवैध खनन और अवैध वसूली के आरोप लगाए। कहा कि उनके कारनामों की जानकारी डीएम को भी दी जाएगी। ज्ञापन देने वालों में अध्यक्ष और महासचिव के साथ उमाशंकर पाल, सुनील कुमार गुप्त, सुनील चंद्र चतुर्वेदी, अरुण कुमार, अशोक कुमार पाठक, गंगा प्रसाद चतुर्वेदी आदि शामिल थे।