बांदा। जिन हाथों से जयमाल पहनाकर मांग में सिंदूर भरा था, उन्हीं से केरोसिन डालकर अपनी जीवन संगिनी को जिंदा फूंक दिया। जिला अस्पताल से कानपुर ले जाते समय युवती की रास्ते में मौत हो गई। मृतका के भाई की तहरीर पर पुलिस ने पति के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की है। पुलिस ने पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराने के साथ आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया है।
पोड़ाबाग (अलीगंज) निवासी मिथलेश (30) की सोमवार को शाम पति रामभरोसे से किसी बात पर नोकझोंक हो गई। आरोप है कि नशे में आपा खो बैठे पति ने मिथलेश को पहले तो पीटा और फिर उसके ऊपर मिट्टी का तेल डालकर आग लगा दी। उसे जलता छोड़कर वह बाहर से कमरे का दरवाजा बंद कर फरार हो गया। चीख-पुकार सुनकर पड़ोसियों ने दरवाजा तोड़कर गंभीर रूप से झुलसी मिथलेश को जिला अस्पताल पहुंचाने के साथ मायके वालों को भी सूचना दी। जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद मिथलेश को कानपुर रेफर कर दिया। रास्ते में युवती ने दम तोड़ दिया। मिथलेश के पिता रामदास (तिंदवारा) ने बताया कि 13 साल पहले उसने बिटिया की शादी की थी। रामभरोसे (तरखरी, गिरवां) का रहने वाला है। यहां वह किराए के मकान पर रहकर रिक्शा चलाता है। आरोप लगाया कि नशे की हालत में पत्नी को अक्सर पीटता था। घटना के दिन भी उसने मिथलेश को पीटा और फिर आग के हवाले कर दिया। 8 वर्षीय नातिन रोशनी ने बताया कि वह मां से चार हजार रुपये मांग रहा था, पर उसके पास कुल 800 रुपये थे। इसी बात को लेकर झगड़ा बढ़ गया। बताया जाता है किवारदात के पहले पिता ने चारों बच्चों संजय, रोशनी, रेखा व अंजली को घर से बाहर खेलने की बात कहकर निकाल दिया। कोतवाली प्रभारी कमलेश यादव ने बताया कि मृतका के भाई अरविंद की तहरीर पर पति रामभरोसे सहित जेठ और देवर पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। अपर जिला मजिस्ट्रेट और अपर पुलिस अधीक्षक ने अस्पताल जाकर मृत्यु से पूर्व बयान लिए।