बांदा। आय से अधिक खर्च करने के मामले में जिला ग्राम्य विकास अभिकरण के सहायक लेखाकार (निलंबित) शिव प्रसाद पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा चलाने की अनुमति प्रदेश सरकार ने दे दी है।
आयुक्त ग्राम्य विकास, उत्तर प्रदेश प्रभात मित्तल द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि शिव प्रसाद ने जुलाई 1985 से फरवरी 2009 तक कुल वैध आमदनी 17,88,089 रुपये अर्जित की। इस दौरान उन्होंने परिसंपत्तियों और घरेलू खर्च पर कुल 28,93,122 रुपये खर्च किया है। यह आमदनी के मुकाबले 11,05,043 रुपये ज्यादा हैं। सहायक लेखाकार इस मामले में कोई युक्ति-युक्त प्रमाण पत्र नहीं दे सके। उनके विरुद्ध बांदा शहर कोतवाली में पहले ही भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया जा चुका है। आयुक्त ने कहा है कि वह उपरोक्त कर्मचारी को पद से हटाने के लिए सक्षम अधिकारी हैं। आयुक्त ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम-1988 की धारा 19 के तहत सहायक लेखाकार के विरुद्ध सक्षम न्यायालय में मुकदमा चलाने की स्वीकृति प्रदान कर दी है। उधर जिला ग्राम्य विकास अभिकरण, बांदा के परियोजना निदेशक ने सहायक लेखाकार शिव प्रसाद को पत्र भेजकर ग्राम्य विकास आयुक्त के आदेश से अवगत करा दिया है।