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‘स्वेच्छा से शादी में दखलंदाजी न करें’

Banda Updated Wed, 19 Nov 2014 05:30 AM IST
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बांदा। प्रेम विवाह करने पर घरवालों के जुल्मों पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। आदेश देते हुए कहा है कि स्वेच्छा से शादी करने वाले दंपति के वैवाहिक जीवन में परिजन या पुलिस दखलंदाजी न करें।
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यहां अंबेडकर नगर निवासी प्रियंका लखेरा और आशीष विक्रम ने 27 अक्तूबर 2014 को कानपुर में आर्य समाज में हिंदू मैरिज एक्ट के तहत शादी कर ली। प्रियंका की मां ज्ञान देवी ने बांदा शहर कोतवाली मेें आशीष उर्फ चिंटू वर्मा के खिलाफ धारा 363, 366 आईपीसी का मुकदमा दर्ज करा दिया। उधर, आशीष की मां राजेश्वरी ने शनिवार को यहां एसपी को अर्जी देकर कहा कि उसके घर में दिन दहाड़े अवैध असलहाधारी चढ़ आए और जान से मारने की धमकी दी। दरवाजा तोड़ दिया। इसके पूर्व प्रियंका ने एसपी को अर्जी देकर कहा कि उसने आशीष विक्रम के साथ शादी कर ली है। उधर, प्रियंका ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में रिट पिटीशन दायर कर दी। उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्य प्रकाश केसरवानी ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देकर अपने आदेश में कहा है कि बालिग और अपनी इच्छा से शादी करने वाले लड़का-लड़की के माता-पिता या अन्य परिजनों के उनके वैवाहिक जीवन में दखलंदाजी करने का अधिकार नहीं है। सुप्रीम कोर्ट के एक और आदेश का हवाला देकर उच्च न्यायालय ने यह भी कहा है कि शैतानियत या हैवानियत से बचाने की गरज से आनर किलिंग रोकने को यह जरूरी है कि समाज में इस प्रकार के अवैधानिक कृत्य न हो। हाईकोर्ट ने इसी के साथ याचिका का निस्तारण करते हुए आदेश दिया है कि दंपति के जीवन में पुलिस या कोई और विघ्न न पैदा करें। अलबत्ता कोई एफआईआर या इस्तगासा हो तो नियमानुसार याचिका कर्ता पैरवी करें।
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