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प्रसव मामले पर पीएमओ ने दिए आदेश

Banda Updated Sat, 29 Nov 2014 05:30 AM IST
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बांदा। जिला अस्पताल और नर्सिंग होम से बैरंग लौटा दी गई प्रसूता द्वारा रेाडवेज बस अड्डे मेें बेहद असुरक्षित स्थितियों में जुड़वा बच्चों को जन्म देने का मामला प्रधानमंत्री कार्यालय तक पहुंच गया है। ‘अमर उजाला’ में प्रकाशित खबर के साथ की गई भाजपा नेता की शिकायत पर पीएम कार्यालय ने यूपी सरकार को कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
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उल्लेखनीय है कि 9 अगस्त 2014 को इटरा खुर्द (खुरहंड) की दलित महिला सुशीला अपने पति और आशा बहू के साथ प्रसव के लिए जिला अस्पताल आई थी। वहां उसे भर्ती करने से इनकार कर दिया गया। आरोप है कि दर्द से तड़पती सुशीला रोडवेज के पास स्थित एक प्राइवेट नर्सिंगहोम में आई तो वहां लंबी रकम की मांग की गई। न दे पाने पर यहां से भी उसे बैरंग लौटा दिया। चंद कदम दूर चलते ही रोडवेज बस अड्डे मेें सुशीला ने दो जुड़वा बच्चों को जन्म दिया। असुरक्षित ढंग से हुए प्रसव के नतीजे में बाद में अस्पताल मेें दोनों बच्चों की मौत हो गई। भाजपा चिकित्सा प्रकोष्ठ जिला संयोजक डॉ.शैलेंद्र कुमार रंजन ने ‘अमर उजाला’ की खबर की कटिंग के साथ प्रधानमंत्री कार्यालय को शिकायती पत्र भेजा। पीएम कार्यालय ने इस मामले का संज्ञान लिया है। भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय में उप सचिव जी जगन्नाथ ने उत्तर प्रदेश के प्रमुख सचिव (स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण) को 17 नवंबर को प्रधानमंत्री कार्यालय के आदेशों का हवाला देकर कहा है कि इस मामले पर तत्काल जरूरी कार्रवाई की जाए। उधर, भाजपा नेता डॉ.शैलेंद्र ने कहा है कि इस मामले में दोषियों को जरूर दंडित कराया जाएगा।
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