नरैनी। महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) से कराए गए कार्याें में घोटाला किए जाने पर खंड विकास अधिकारी ने तत्कालीन ग्राम प्रधान समेत तीन कर्मचारियों पर गबन का मुकदमा दर्ज कराया है।
नरैनी ब्लाक के गढ़ा-गंगापुरवा में वर्ष 2008-09 में क्योटनपुरवा से गढ़ा तक कच्चा संपर्क मार्ग और दो पुलियों का निर्माण मनरेगा से कराया जाना था। एक किसान के खेत में सिंचाई कूप भी बनाया गया था। खंड विकास अधिकारी केएल सोनकर ने बताया कि इन कार्याें में गड़बड़ी और घोटाले की शिकायत ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से की थी। जिलाधिकारी ने जांच के आदेश दिए थे। जांच में पाया गया कि खेत में कुआं निर्माण के नाम पर नाम मात्र को खुदाई कराई गई। दो प्रस्तावित पुलियों का निर्माण ही नहीं कराया गया। बीडीओ ने बताया कि सिंचाई कूप में 99,435 रुपए और पुलिया निर्माण के नाम पर 4,11,698 रुपए का गबन पाए जाने पर तत्कालीन ग्राम प्रधान श्यामबिहारी पाठक, सचिव स्वतंत्र सिंह, तकनीकी सहायक सुरेंद्र कुमार गुप्त और रोजगार सेवक नवल किशोर के विरुद्ध नरैनी कोतवाली में धारा 406, 409, 420 आईपीसी का मुकदमा दर्ज कराया गया है।