एप डाउनलोड करें
विज्ञापन

कई दिनों की चुप्पी के बाद फिर उफनाए बांध

Banda Updated Mon, 23 Jul 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
विज्ञापन

Next Article

बांदा। कई दिनों की चुप्पी के बाद मध्य प्रदेश की घाटियों में फिर मानसून सक्रिय हो गया। झमाझम बारिश से दो दिनों के अंदर बांधों के जलस्तर में तीन से चार फिट तक की वृद्धि हो गई है। उफनाए बांध से चार फिट मोटी जलधारा केन नदी में गिर रही है। हालांकि बांदा मुख्यालय व बांधों में शनिवार को बारिश थमी रही।
विज्ञापन
विज्ञापन

जुलाई माह के पहले हफ्ते में बारिश कम होेने से गंगऊ, रनगवां और बरियारपुर बांधों का जलस्तर काफी नीचे था। गंगऊ 707 और बरियारपुर 596 फिट पर था लेकिन सात जुलाई को मध्य प्रदेश की घाटियों में हुई मूसलाधार बारिश से गंगऊ बांध उफनाकर 735 फिट पर पहुंच गया। लगभग 29 फिट जलस्तर बढ़ गया। इसके बाद मानसून के तेवर ठंडे पड़ जाने से बांधों के जलस्तर में गिरावट आने लगी। जलस्तर घटकर 734 फिट पर आ गया। पिछले कई दिनों से जलस्तर इसी पैमाने पर थमा हुआ था लेकिन बीते 24 घंटों में मध्य प्रदेश की घाटियों में हुई बारिश ने बांधों को फिर उफना दिया। गंगऊ का जलस्तर शनिवार को सुबह 737.2 फिट हो गया। क्रस्टवाल से चार फिट मोटी जलधारा से 69,284 क्यूसिक पानी केन नदी में गिर रहा था। उधर, बरियारपुर बांध का जलस्तर भी चार फिट चढ़ गया। यह 607 फिट से बढ़कर 611.8 फिट पर जा पहुंचा है। इस बांध से 43,466 क्यूसिक पानी केन नदी में गिर रहा है। रनगवां बांध के जलस्तर में एक फिट की वृद्धि हुई है। अब यह 724.8 फिट पर है।
शनिवार को पूरा दिन बारिश नहीं हुई। अधिकांश समय धूप रही। उमस और गर्मी बढ़ी। केन नदी का जलस्तर 95.07 मीटर पर है। यह खतरे के निशान से साढे़ छह मीटर नीचे है। केंद्रीय जल आयोग बाढ़ एवं पूर्वानुमान विभाग के मुताबिक केन नदी फिलहाल एक सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से घट रही है। पिछले 24 घंटों में बांदा में 806 मिमी बारिश दर्ज की गई है। उधर, चिल्ला घाट में यमुना नदी का जलस्तर 86.74 मीटर है। यह खतरे के निशान से करीब साढे़ 13 मीटर नीचे है। यहां भी जलस्तर 1 सेंटीमीटर प्रति घंटा घट रहा है। पन्ना में केन नदी 85.74 मीटर पर फिलहाल स्थिर है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
एप में पढ़ें