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अब बिजली के लिए वकील लामबंद

Banda Updated Sun, 29 Jul 2012 12:00 PM IST
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बांदा। भीषण बिजली संकट से जूझ रहे अधिवक्ताओं ने अब इस मुद्दे पर सड़कों में उतरने की घोषणा की है। चेतावनी दी है कि तीन दिन में बिजली व्यवस्था में सुधार न हुआ तो आंदोलन करेंगे। उधर, सिविल जजों के विरुद्ध तीन दिवसीय हड़ताल के बाद जिला जज से बातचीत के बाद अधिवक्ताओं ने हड़ताल खत्म कर दी है।
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शनिवार को अधिवक्ता संघ की बैठक में जिलाध्यक्ष राजाभइया मिश्र ने घोषणा की कि तीन दिन में बिजली व्यवस्था न सुधरी तो अधिवक्ता सड़कों पर उतरेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि तीन सिविल जजों के न्यायालयों का बहिष्कार जिला जज के आश्वासन पर वापस ले लिया गया है। सोमवार को सभी न्यायालयों में अधिवक्ता काम करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रथम, द्वितीय व तृतीय सिविल जज (जूनियर डिवीजन) द्वारा जूनियर अधिवक्ताओं के साथ की जाने वाली बदसलूकी के विरुद्ध संघ ने तीन दिन की हड़ताल की थी। शनिवार को चौथे दिन जनपद न्यायाधीश ने अध्यक्ष श्री मिश्र व सचिव देवकुमार कुशवाहा के साथ लगभग एक घंटे की वार्ता की। भरोसा दिलाया कि तीनों न्यायालयों में नियम-कानून से काम होगा और सीनियर व जूनियर अधिवक्ताओं को बराबर सम्मान मिलेगा। अध्यक्ष और सचिव ने संघ की ओर से जिला जज को यकीन दिलाया कि हर अधिवक्ता पीठासीन अधिकारियों का सम्मान करेगा। लेकिन पीठासीन अधिकारी भी अधिवक्ताओं का सम्मान करें।
बैठक में ध्वनिमत से अध्यक्ष और सचिव के प्रस्ताव पारित किए गए। सिटी मजिस्ट्रेट से मिलकर अधिवक्ताओं ने तीन दिन में बिजली सुधार न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी। बैठक में शिवपूजन सिंह पटेल, अवधेश त्रिपाठी, इकबाल बहादुर सिंह, रमाकांत द्विवेदी, रामकृष्ण त्रिपाठी, राकेश सिन्हा, आनंद सिन्हा, विजयरतन श्रीवास्तव, अशोक त्रिपाठी जीतू, रजनीश मोहन, अनीस खान आदि ने अपने विचार व्यक्त किए।
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