बाराबंकी। पंचायत सहायकों ने सोमवार को मानदेय वृद्धि को लेकर शहर स्थित गन्ना कार्यालय में धरना प्रदर्शन किया। उन्होंने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह को सौंपा। पंचायत सहायक संघ के जिलाध्यक्ष अरुण कुमार की अध्यक्षता में सहायक गन्ना कार्यालय पहुंचे।
पुलिस बल ने प्रदर्शनकारियों को जिलाधिकारी कार्यालय जाने से रोक दिया। गन्ना कार्यालय का गेट बंद कर दिया गया, जिससे सहायक नाराज हो गए। उन्होंने अपनी मांगों को लेकर जमकर नारेबाजी की। अरुण कुमार ने बताया कि प्रदेश भर के पंचायत सहायक मानदेय वृद्धि चाहते हैं।
वे ग्राम पंचायतों में अंकीय सेवाओं और योजनाओं को आमजन तक पहुंचाते हैं। वर्तमान में उन्हें केवल छह हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय मिलता है। यह राशि परिवार के भरण-पोषण और बच्चों की शिक्षा के लिए बेहद कम है। बढ़ती महंगाई के कारण आर्थिक संकट लगातार गहरा रहा है।
पंचायत सहायक अखिलेश कुमार ने कहा मानदेय बढ़ाकर ग्राम पंचायत सचिव के समकक्ष 30 हजार रुपये करने की मांग की। वैकल्पिक रूप से राज्य सरकार की ओर से निर्धारित न्यूनतम कुशल मजदूरी दर लागू करने को कहा। अनुबंध व्यवस्था समाप्त कर स्थायी सेवा नियमावली लागू करने की भी मांग की।
पंचायत सहायिका आरती राठौर ने विवाह के बाद महिला पंचायत सहायकों के स्थानांतरण नीति, ग्राम पंचायत अधिकारी और ग्राम विकास अधिकारी के रिक्त पदों पर 50 फीसदी आरक्षण, पंचायत सहायकों और उनके परिवारों को आयुष्मान भारत योजना का लाभ देने की मांग की। प्रदर्शन में अखिलेश कुमार, अश्वनी, सर्वेश, आकाश वर्मा, निहाल, अश्वनी वीपिन, आरती राठौर, शिखा मौर्य सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।