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पोस्टमार्टम ड्यूटी को लेकर चिकित्सकों में तनातनी

Updated Fri, 30 Jun 2017 01:22 AM IST
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बरेली।
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शवों के पोस्टमार्टम को लेकर डॉक्टराें के बीच तनातनी चल रही है। जिला अस्पताल के डॉक्टर अकेले पोस्टमार्टम की जिम्मेदारी नहीं लेना चाह रहे हैं। उनका कहना है कि पीएचसी और सीएचसी में तैनात डॉक्टरों के अलावा प्रशासनिक जिम्मेदारी संभाल रहे डॉक्टराें की भी पोस्टमार्टम के लिए ड्यूटी लगाई जाए। उधर, जिला अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक और सीएमओ के बीच तथाकथित टकराव चल रहा है। पत्राचार के माध्यम से दोनों के बीच बातचीत हो रही है। एडी हेल्थ के लिए भी पोस्टमार्टम ड्यूटी मामले का निस्तारण गले की फांस बन गया है।
नए शासनादेश में डॉक्टरों की कमी को देखते हुए न केवल सीएचसी, पीएचसी बल्कि सभी उम्र के डॉक्टराें को पोस्टमार्टम ड्यूटी करने के लिए कहा गया है। पोस्टमार्टम ड्यूटी में अभी जिला और महिला अस्पताल के डॉक्टर ही शामिल होते हैं। पैनल में सीएमओ के अधीन डॉक्टराें को लिया जाता है। जब से नया शासनादेश आया है तब से जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने अकेले पोस्टमार्टम ड्यूटी करने से मना कर दिया है। पिछले आठ माह से इस मामले पर टकराव चल रहा है। डॉक्टरों ने सीएमओ डॉ. विजय यादव और एडी हेल्थ डॉ. प्रमिला गौड़ से भी समस्या का समाधान करने को कहा है, लेकिन अभी तक कुछ नहीं हुआ।
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सीएमओ और प्रमुख अधीक्षक
के बीच नहीं हो रही बातचीत
जिला अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक डॉ. केएस गुप्ता और सीएमओ डॉ. विजय यादव के बीच इस संबंध में कोई बातचीत नहीं हो रही है, जबकि एडी हेल्थ कई बार इनसे हस्तक्षेप करने को कह चुकी हैं। सीएमओ की ओर से जो पहले ड्यूटी बनाई गई थी उसमें 55 साल से अधिक उम्र के डॉक्टरों को भी पीएम ड्यूटी में शामिल किया गया था जिसके बाद विरोध हुआ। ड्यूटी जिला अस्पताल ने बनाई तो इसमें ग्रामीण क्षेत्रों के डॉक्टरों को शामिल किया गया। सीएमओ ने यह कहते हुए डॉक्टर की ड्यूटी लगाने से मना कर दिया है कि इससे राष्ट्रीय कार्यक्रम प्रभावित होंगे। प्रमुख अधीक्षक ने वह पत्र एडी को भेज दिया। अब मामला अधर में लटका है।


पोस्टमार्टम ड्यूटी मुसीबत बन गई है। सीएमओ और एडी एसआईसी दोनों अपने स्तर से इसे सुलझा सकते हैं लेकिन वे दोनों आपस में बातचीत न करके सारा मामला एडी हेल्थ की ओर भेज देते हैं। एक महीने में एक ड्यूटी अगर सभी डॉक्टर कर लेंगे तो किसी का क्या बिगड़ेगा, लेकिन कोई समझना नहीं चाहते हैं। अब यह मामला मैं डीजी हेल्थ को भेजूंगी।
डॉ. प्रमिला गौड़, एडी हेल्थ
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