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बाबा के चेलों ने बवाल किया...सजा हमें क्यों दे रहे हो

Updated Sun, 27 Aug 2017 01:36 AM IST
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बरेली। वक्त-रात 10 बजे। स्थान- रेलवे जंक्शन। जीआरपी के एसआई कृष्णपाल सिंह प्लेट फार्म नंबर चार की एक बेंच पर फोर्स के साथ पंजाब मेल आने के इंतजार में 2.30 घंटे से बैठे हैं। जीआरपी स्टाफ आपस में हरियाणा के पंचकूला में हुई हिंसा पर ही बात कर रहा है। जीआरपी जवान बोला- बाबाओं के चेले जरा सी बात में बवाल कर देते हैं। भुगतना आम जनता और पुलिस को पड़ता है। डेरा सच्चा सौदा वालों को ही देखो। हाईकोर्ट का जजमेंट है। इसमें उनके चेलों को भड़कने की क्या जरूरत थी।
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अमर उजाला की टीम भी जीआरपी के साथ थी। ठीक 10 बजे रेलवे की उद्घोषणा हुई कि यात्रीगण कृपया ध्यान दें। हावड़ा से पंजाब जाने वाली 3005 पंजाब मेल बरेली में ही निरस्त कर दी गई है। अब यह ट्रेन आगे नहीं जाएगी। इसी समय ट्रेन प्लेटफार्म नंबर चार पर आकर रुकी। यात्री नीचे उतरने लगे। पंजाब जाने वाले कुछ यात्री फिर अपनी सीट पर बैठे थे। उनको उम्मीद थी कि शायद, ट्रेेन चल दे। जीआरपी के जवान खिड़कियों से झांककर यात्रियों को यह समझाकर नीचे उतारने में लगे थे कि पंजाब मेल यहीं तक है। आगे नहीं जाएगी। अचानक बिजली चली गई। जंक्शन पर अंधेरा छा गया। यात्रियों को बेंच ढूंढे नहीं मिल रही थी। महिला और बुजुर्ग यात्री सबसे ज्यादा परेशान थे। बीच में ही ट्रेन निरस्त होने से पंजाब जाने वाले यात्रियों ने अपना दर्द कुछ इस तरह बयां किया।

अब इतनी रात में कहां जाएं
कोलकत्ता से अमृतसर जाने के लिए पंजाब मेल से सफर कर रहे यात्री बलजीत सिंह बरेली जंक्शन पर ट्रेन रुकने से दुखी थे। बोले- रेलवे को कम से कम पहले से बताना चाहिए था। हरदोई में पता चला कि पंजाब मेल बरेली तक ही जाएगी। अब हम वापस भी जाना चाहें तो कैसे जाएं। रेलवे को कोई ट्रेन लगाकर वापस जाने का इंतजाम करना चाहिए था। इतनी रात में कहां जाएं।
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हमारी तो रिश्तेदारी भी नहीं, कहां रुकेंगे
हावड़ा से लुधियाना तक का सफर कर रहा सीनियर सिटीजन इंद्रजीत सिंह का परिवार बरेली में ट्रेन निरस्त होने से परेशान था। इंद्रजीत सिंह की पत्नी दलजीत कौर, बहन अंग्रेज कौर और महेंद्र कौर भी साथ थीं। चारो सीनियर सिटीजन यात्रियों का कहना था कि बरेली में तो उनकी कोई रिश्तेदारी भी नहीं। वह रात में कहां रुकेंगे। रेलवे वाले ठीक से कोई बात बता नहीं रहे।

जो जीजा बताएंगे, वही करेंगे
अमेठी से पंजाब मेल में लुधियाना जाने के लिए सवार हुईं अंशू बोलीं-हम तो अपनी रिश्तेदारी में जा रहे थे। अगर हमें यह पता होता कि ट्रेन बरेली तक ही जाएगी तो हम क्यों बैठते। इतनी रात में अमेठी वापस जाएं तो कोई साधन नहीं। पंजाब कोई भी ट्रेन जाएगी नहीं। अंशू बोलीं-अब जीजा ही आकर बताएंगे कि हम लोगों को कहां जाना है।

बिहार के पटना स्टेशन से पंजाब के अमृतसर रिश्तेदार में जा रही नीलम सूदन अपने दोनों बेटों के साथ ट्रेन निरस्त होने से परेशान थीं। उनके दोनों बेटे हर्ष और दीपक भी परेशान थे। नीलम सूदन बोलीं- रेलवे के पास अचानक ट्रेन निरस्त करने की स्थिति में यात्रियों के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। किसी ने झगड़ा किया। रेलवे ने ट्रेन निरस्त कर दी। यात्रियों को दिक्कत हुई। उससे किसी का लेना देना नहीं। रेलवे के पास ऐसी प्लानिंग क्यों नहीं है कि ऐसी में स्थिति में उनको क्या करना चाहिए।

ऑनलाइन टिकट के पैसे क्यों नहीं दे रहे
लखनऊ से पंजाब जाने के लिए ट्रेन में सवार हुए दीपक शर्मा बरेली जंक्शन पर परेशान थे। बोले-एक तो ट्रेन निरस्त कर दी। अब ऑनलाइन बुकिंग के पैसे भी वापस नहीं कर रहे। दो हजार में टिकट बुक कराया था। हमें वापस लखनऊ जाना है तो उसकी कोई व्यवस्था नहीं की।

रेलवे जंक्शन पर देर रात तक रहा अलर्ट
डेरा सच्चा सौदा के संत रामरहीम को हाईकोर्ट की सजा सुनाने के बाद हरियाणा में हुए बवाल के बाद रेलवे जंक्शन पर जीआरपी का अलर्ट रहा। जीआरपी जवानों ने प्रत्येक ट्रेन की जांच की।
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