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पीएचडी कोर्स वर्क में फेल विद्यार्थी दोबारा दे सकेंगे परीक्षा

पवन चंद्रा
Updated Thu, 07 Mar 2019 01:22 AM IST
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बरेली। पीएचडी कोर्स वर्क में फेल विद्यार्थी कोर्स वर्क की परीक्षा में दोबारा शामिल हो सकेंगे। बुधवार को हुई कोर्स वर्क की समीक्षा बैठक में कुलपति ने इसके निर्देश दिए, जिसके बाद विश्वविद्यालय ने आदेश भी जारी कर दिया। कोर्स वर्क की परीक्षा मई में होगी, जिसमें पिछले साल फेल हुए अभ्यर्थी शामिल हो सकेंगे। कोऑर्डिनेटर्स को निर्देश बाकी काम अप्रैल तक पूरा कराने के निर्देश दिए गए हैं।
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विश्वविद्यालय में पीएचडी कोर्स वर्क कक्षाएं शुरू हुए करीब चार महीने हो चुके हैैं। छह महीने में कोर्स पूरा कराना है। कुलपति ने बुधवार को सभी कोऑर्डिनेटर्स के साथ बैठक कर कोर्स वर्क की स्थिति जानी। सभी कोऑर्डिनेटर ने कहा कि अप्रैल तक कोर्स वर्क पूरा हो जाएगा। मई के प्रथम सप्ताह में परीक्षा कराई जा सकती है। जो विद्यार्थी पिछले साल फेल हो गए थे, उनको पीएचडी अध्यादेश 2013 के अनुसार एक मौका मिलना चाहिए। अभ्यर्थियों को निर्देश दिए गए हैं कि 25 मार्च तक पीएचडी कोऑर्डिनेटर प्रो. बृजेश त्रिपाठी से संपर्क करें। अंक तालिका के साथ अपना आवेदन जमा करें और मई में होने वाली परीक्षाओं में शामिल हों।
अप्रैल में पीएचडी की रिक्त सीटों पर होंगे आवेदन
सभी कोऑर्डिनेटर से कहा गया कि अप्रैल तक सभी रिसर्च गाइड से रिक्त सीटों की सूची ले लें। अप्रैल में रिक्त सीटों की सूची जारी की जाएगी और अप्रैल में आवेदन मांगे जाएंगे। नये गाइड बनाने के लिए भी सूची तैयार करने को कहा गया है।
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फेल अभ्यर्थियों की दोबारा परीक्षा कराने से कर दिया था इंकार
विश्वविद्यालय शोध अध्यादेश 2013 के अनुसार, अगर अभ्यर्थी कोर्स वर्क में फेल हो जाता है तो उसे दोबारा मौका दिया जाएगा। पिछले साल तमाम अभ्यर्थी फेल होने पर विश्वविद्यालय पहुंचे, लेकिन उनको यह कहकर लौटा दिया गया कि अब परीक्षा नहीं होगी। कई बार छात्रों ने हंगामा किया लेकिन कुछ नहीं हुआ।
कोर्स वर्क के नाम पर खानापूर्ति
करीब चार महीने पहले शुरू हुए कोर्स वर्क की कक्षाओं में खानापूर्ति हुई। बाहर के विशेषज्ञों को बुलाने के बजाए जैसे-तैसे कक्षाएं लगवाई गईं। शिक्षकों ने कक्षाओं की जगह अपने केबिन में कक्षाएं लगवाईं। यही कारण रहा है कि अभ्यर्थियों की उपस्थिति का ग्राफ काफी कम रहा। कोर्स वर्क के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति हुई।
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