बरेली। मीरगंज-आंवला को जोड़ने वाले गोराघाट-बसंतपुर पुल के निर्माण में इंजीनियरों की लापरवाही से करीब 25 करोड़ का ज्यादा बजट खर्च होगा। हालांकि शासन ने इस पुल के निर्माण को पूरा करने के लिए संशोधित एस्टीमेट को स्वीकृति दे दी है। इसके बाद सेतु निगम के अधिकारियों ने निर्माण के लिए एक बार फिर से प्रयास शुरू कर दिए हैं। इधर, कई साल से इस पुल का निर्माण न होने से क्षेत्रीय लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
वर्ष 2009 में गोराघाट-बसंतपुर के बीच सेतु निगम के अफसरों ने रामगंगा नदी पर पुल के निर्माण का डिजाइन ही गलत तैयार कर दिया था। पहले पुल की लंबाई 540 मीटर तय की गई थी, इसमें सड़क निर्माण को भी शामिल करते हुए 15 करोड़ का प्रोजेक्ट तैयार किया था, लेकिन बाद में इसे लेकर यह दिक्कत पैदा हो गई कि नदी की धारा के मुकाबले पुल की लंबाई छोटी पड़ गई। ऐसे में पुल का निर्माण अधर में लटका रहा, जो करीब दस साल बाद भी पूरा नहीं हो सका है। सेतु निगम के अधिकारी यह कहकर बचाव कर रहे हैं कि बाढ़ की वजह से नदी की धारा का रुख बदल गया है। इसलिए पुल की लंबाई बढ़ाने की जरूरत है। इस आधार पर अधिकारियों ने रिवाइज एस्टीमेट तैयार किया। इसके तहत कुल 780 मीटर लंबे पुल के निर्माण का नया प्रस्ताव भेजा गया। शासन स्तर पर यह फाइल भी लंबे वक्त तक लटकी रही। ऐसे में क्षेत्र की जनता को काफी परेशानी झेलनी पड़ी है। इधर, शासन ने इस प्रोजेक्ट के रिवाइज एस्टीमेट को भी मंजूरी दे दी है। करीब 40 करोड़ के इस काम को पूरा कराने के प्रयास फिर तेज हो गए हैं।
गोराघाट-बसंतपुर पुल के निर्माण का संशोधित एस्टीमेट पास हो गया है। इसके बाद इस पुल के अधूरे काम को लेकर तैयारी शुरू कर दी गई है। प्रयास है कि यह प्रोजेक्ट जल्द से जल्द पूरा हो जाए। - वीरेंद्र कुमार, डीपीएम, सेतु निगम (इकाई-प्रथम)