बरेली। जलकल अनुभाग में टेंडर गड़बड़ी को लेकर रविवार को अवकाश होने के बावजूद नगर निगम में अफसर दस्तावेजों की पड़ताल करते रहे। नगर आयुक्त राजेश श्रीवास्तव की अगुवाई में इस मामले से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रिपोर्ट तैयार की जा रही है। वहीं, इस मामले में पूर्वांचल और पश्चिमी यूपी के दो बाहुबलियों के नाम आने से निगम अफसर दहशत में हैं।
शुक्रवार को निगम में ट्यूबवेल ऑटोमेशन एवं संचालन के टेंडर में गड़बड़ी का आरोप लगने केबाद मेयर उमेश गौतम ने नगर आयुक्त को स्वयं या फिर विजिलेंस से जांच कराने के निर्देश दिए थे। इसको लेकर नगर आयुक्त ने जांच शुरू कर दी है। रविवार को अवकाश होने के बावजूद नगर निगम में इस मामले से जुड़ी फाइलों की पड़ताल की गई। जीएम जलकल वीएन द्विवेदी से भी टेंडर प्रक्रिया की जानकारी ली गई। अब पूरे मामले की रिपोर्ट तैयार की जा रही है। वहीं, इस मामले में शिकायतकर्ता और टेंडर लेने वाले ठेकेदारों द्वारा पूर्वांचल और पश्चिमी यूपी के बाहुबलियों के नाम लेने को लेकर निगम अफसर आपस में चर्चा करते रहे। बता दें कि शनिवार को जीएम जलकल ने आरोप लगाया था कि उन्हें पश्चिमी यूपी के बाहुबली का नाम लेकर धमकाया गया। वहीं शिकायतकर्ता का कहना है उसे धमकी देकर कहा गया कि टेंडर लेने वाले पूर्वांचल के बाहुबली के लोग हैं। इसके चलते निगम अफसर कुछ दहशत में भी हैं। क्योंकि इससे पहले टेंडर या किसी अन्य मामले में किसी बाहुबली या दबंग का हस्तक्षेप सामने नहीं आया है।
टेंडर से जुड़े दस्तावेज जांचे गए हैं और पूरी प्रक्रिया चेक कराई जा रही है। मामले की रिपोर्ट तैयार करके मेयर को सौंपी जाएगी। मगर जीएम ने बाहुबली का नाम लेकर धमकाने की बात मुझे नहीं बताई है। - राजेश श्रीवास्तव, नगर आयुक्त