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ससुर ने हलाला किया और पति ने इद्दत में बलात्कार

Updated Tue, 07 Aug 2018 02:01 AM IST
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बरेली। हलाला के नाम पर शरीयत के सारे कायदों को तोड़कर हवस पूरी करने का एक और मामला सामने आया है। संभल की रहने वाली महिला का आरोप है कि उसके शौहर ने उसे तीन तलाक देने के बाद उसे अपने पिता के साथ हलाला करने के लिए मजबूर किया। ससुर के तलाक देने के बाद जब वह इद्दत का वक्त गुजार रही थी तभी उसके शौहर ने उसके साथ कई बार बलात्कार किया। वह गर्भवती हुई तो अपनी हवस का राज सबके सामने खुलने के डर से उसे कैद कर लिया और फिर जबरन उसका गर्भपात कराने की कोशिश की। पुलिस की मदद से शौहर के चंगुल से छूटी यह औरत सोमवार को मेरा हक फाउंडेशन की अध्यक्ष फरहत नकवी के पास पहुंची और उन्हें आपबीती सुनाई। फरहत उसे इंसाफ दिलाने के लिए आठ अगस्त को राज्य अल्पसंख्यक आयोग के सामने पेश करेंगी।
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संभल से बरेली पहुंची हलाला पीड़िता ने सोमवार को फरहत नकवी की ओर से बुलाई गई प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि उसका निकाह सन् 2015 में मोहम्मद नूर से हुआ था। दो महीने बाद ही शौहर ने उससे दहेज में कार देने के लिए प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। निकाह के तीन महीने ही गुजरे थे कि 24 दिसंबर 2015 को तीन तलाक दे दिया। उसने अदालत में मुकदमा किया तो वह समझौते के लिए दबाव डालने लगा। एक साल बाद समझौता हुआ तो वह दोबारा ससुराल आ गई। ससुराल वालों ने मुफ्तियों से राय ली तो उन्होंने कहा कि बगैर हलाला के वह अपने शौहर के साथ नहीं रह सकती। पीड़ित ने बताया कि इसके बाद ससुराल वालों ने उसके दूसरे निकाह का इंतजाम किया। उसे पता ही नहीं था कि उसका निकाह किसके साथ हो रहा है। निकाह के वक्त जब काजी ने नाम लिया तब उसे पता चला कि उसका निकाह तो उसके ससुर मोहम्मद शुएब के ही साथ कराया जा रहा है। उसने निकाह से इंकार किया लेकिन ससुराल वालों ने दबाव बनाकर उसका ससुर से ही निकाह करा दिया। इसके बाद वह रात भर ससुर के साथ रही। सुबह ससुर ने तलाक दे दिया। इसके बाद इद्दत का वक्त गुजारने के लिए उसे ससुराल के बराबर में ही एक मकान दे दिया गया। इद्दत के दौरान उसके शौहर मोहम्मद नूर ने उसके साथ कई बार बलात्कार किया।
शौहर के बलात्कार से वह गर्भवती हुई तो उसने उसका गर्भपात कराना चाहा तो उसने इसका विरोध किया। इस पर ससुराल वालों ने उसे एक कमरे में कैद कर उसका खाना-पीना भी बंद कर दिया। किसी तरह उसने एक अर्जी लिखकर थाने भिजवाई तो पुलिस ने आकर उसे मुक्त कराया और मायके पहुंचा दिया। मायके में उसने बच्चे को जन्म दिया। उसने शौहर के खिलाफ दहेज मांगने, घरेलू हिंसा और गुजारा भत्ते के लिए मुकदमा किया है जो अदालत में विचाराधीन है।
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उच्च शिक्षित है यह हलाला पीड़ित
संभल की यह हलाला पीड़ित उच्च शिक्षित है। उसने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि उसने उर्दू से एमए किया है, हलाला की रस्म उसे मन से कबूल नहीं थी लेकिन उसके मायके के लोग गरीब हैं और बमुश्किल दो जून की रोटी का बंदोबस्त कर पाते हैं। इसी वजह से मजबूरी और दबाव में उसे हलाला करना पड़ा। शर्म की वजह से यह घटना किसी को बताई भी नहीं, लेकिन बरेली में उसके जैसी कई और पीड़िताओं के एकजुट होने की बात पता चली तो उसने भी लड़ाई लड़ने की हौसला जुटा लिया। फरहत नकवी ने कहा कि वह उसका केस सुप्रीम कोर्ट तक लड़ेंगी। फिलहाल वह उसे राज्य अल्पसंख्यक आयोग की आठ अगस्त को लखनऊ में होने जा रही बैठक में लेकर जाएंगी। इस बैठक में वह अपनी आपबीती सुनाकर इंसाफ के लिए गुहार करेगी।
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