शाहजहांपुर। प्रदेश की कमान संभालने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक साल में पांचवीं बार शाहजहांपुर दौरे पर आ रहे हैं। इससे पहले उनके चार दौरों ने जिले के लिए कुछ खास नहीं दिया, पर इस बार चुनावी साल होने के नाते इस दौरे से काफी उम्मीदें लगी हुई हैं। जिले के सभी विधायकों के तमाम प्रस्ताव शासन स्तर पर लंबित हैं। सदर विधायक सुरेश खन्ना नगर विकास मंत्री होने के नाते खुद ही सरकार का हिस्सा है, लेकिन उनके क्षेत्र में भी तमाम कार्य अटके हुए हैं। मुख्यमंत्री के इस दौरे से सभी को काफी उम्मीदें हैं।
विधानसभा ददरौल-
भाजपा विधायक मानवेंद्र सिंह के क्षेत्र में कई विकास कार्यों के प्रस्ताव दिए जा चुके हैं, लेकिन यह लटके हैं। क्षेत्र में डिग्री कॉलेज, इंटर कॉलेज के साथ कांट बस स्टैंड का उच्चीकरण, कुर्रिया कलां-नगला जाजू रोड, हसनपुर-इंदेपुर रोड निर्माण आदि प्रस्तावों को हरी झंडी की आस है।
तिलहर विधानसभा-
भाजपा विधायक रोशन लाल वर्मा निगोही को नगर पंचायत का दर्जा दिलाना चाहते हैं। बिरसिंहपुर पुल का मंजूरी के बाद भी बजट अटका हुआ है। रिसौली-बरेचा पुलिया, हमजापुर-डींग पुलिया आदि प्रस्ताव लंबित है। विधायक चाहते हैं कि उनके प्रस्तावों को जल्द मंजूरी मिले।
मीरानपुर कटरा विधानसभा-
भाजपा विधायक वीर विक्रम सिंह अपनी विधानसभा क्षेत्र के गांव नवादा दरोबस्त में मुख्यमंत्री के कार्यक्रम से खुश हैं। उनके विकास संबंधी कई प्रस्ताव स्वीकृत भी हो गए हैं। इसके बाद भी मीरानपुर कटरा को तहसील का दर्जा, नगर पालिका का दर्जा, कृषि मंडी और कटरा रेलवे स्टेशन पर रेलगाड़ियों के ठहराव संबंधी उनकी मांगे लंबित हैं।
जलालाबाद विधानसभा-
सपा विधायक शरदवीर सिंह मौजूदा सरकार से कतई संतुष्ट नहीं हैं। अल्हागंज में डिग्री कॉलेज समेत उनके कई प्रस्ताव लंबित हैं। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री ने प्रत्येक विधानसभा में पांच करोड़ के विकास कार्य कराने की बात कही थी, लेकिन यह घोषणा भी ढकोसला साबित हुई।
पुवायां विधानसभा-
भाजपा विधायक चेतराम की सिर्फ कॉलेज की मांग पूरी हुई है। बंडा को नगर पंचायत का दर्जा, खुटार और बंडा में बस स्टैंड, पुवायां बस स्टैंड का सौंदर्यीकरण समेत उनकी भी कई मांगे लंबित हैं।