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पुलिसवालों ने बीमारी गिनाईं, एसएसपी बोले- सस्पेंड कर दूंगा

न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली Updated Wed, 14 Nov 2018 11:27 PM IST
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कुंभ मेलों से लेकर बदायूं, गढ़ मुक्तेश्वर के गंगा मेलों में लगाई ड्यूटी से बचने को पुलिसकर्मी थोक में अर्जियां लेकर एसएसपी मुनिराज जी. के कार्यालय पहुंचे तो उनका पारा चढ़ गया। नाराज होते हुए उन्होंने सबको एक साथ सस्पेंड करने की बात कही तो कई पुलिसकर्मी बिना अर्जी सौंपे पीछे से ही खिसक लिए।
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गंगा मेला में लगी ड्यूटी कटवाने के लिए बुधवार को कई पुलिसकर्मी अर्जी लेकर एसएसपी मुनिराज जी. के पास पहुंच गए। इनमें कुछ दरोगा तो बाकी कांस्टेबल या हेड कांस्टेबल थे। उनमें से अधिकांश ने खुद को गंभीर बीमारियां बताईं और कहा कि ऐसे में परिवार से दूर रहकर ड्यूटी करना संभव नहीं होगा। बाकी पुलिसवालों ने पत्नी या भाई की बीमारी बताकर ड्यूटी निरस्त कराने की मांग की। कहा कि उनके अलावा इन लोगों की देखभाल व इलाज कराने वाला कोई नहीं है। इसलिए उनकी मेला ड्यूटी निरस्त कर दी जाए। यहां पर वह पहले की तरह ड्यूटी करते रहेंगे। बड़ी संख्या में ड्यूटी निरस्त करने के प्रार्थनापत्र देखकर एसएसपी का पारा चढ़ गया। उन्होंने पीआरओ से कहा कि इन लोगों को बता दो कि या तो यह मेलों की ड्यूटी को रवाना हो जाएं वर्ना इन्हें निलंबित कर दिया जाएगा। एसएसपी ने कहा कि जो पुलिसकर्मी खुद को गंभीर बीमार बता रहे हैं, उनकी मेडिकल फिटनेस जांच करा ली जाएगी। झूठ पकड़े जाने पर अलग से कार्रवाई होगी।

400 पुलिसकर्मियों की लगी है ड्यूटी
जिले के चार सौ पुलिसकर्मियों की प्रयाग के कुंभ और ककोड़ा मेला में ड्यूटी लगी है। इसके साथ ही पीलीभीत में होने जा रहे उर्स के बड़े आयोजन में भी ड्यूटी लगाई गई हैं। इन सभी ड्यूटियों के लिए अभी से रिलीविंग की जा रही है। स्थानीय मेलों व उर्स से तो पुलिसकर्मियों की कुछ दिन में वापसी हो जाएगी पर कुंभ मेले में उन्हें लंबी ड्यूटी करनी पड़ेगी। जिले में तैनात अधिकांश पुलिसवालों ने सरकारी या निजी आवास का जुगाड़ करके अपने परिवारों को भी यहीं रख लिया है। लंबी ड्यूटी में परिवार से दूर रहना पड़ेगा जिसकी वजह से समस्याएं गिनाई जा रही हैं।
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मानवीय संवेदना बतौर किसी स्टाफ की परेशानी समझकर उसे राहत दी जा सकती है। जब ज्यादातर पुलिसकर्मी ड्यूटी से बचने के लिए इस तरह के प्रार्थनापत्र देंगे तो आखिर मेलों में ड्यूटी कौन करेगा। इसलिए सख्ती की गई है। मेला ड्यूटी कोई सजा नहीं है जो उससे बचने के इतने हथकंडे अपनाए जा रहे हैं। - मुनिराज जी. एसएसपी
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