बदायूं। ग्रामीण इलाकों में अघोषित बिजली कटौती से लोग बेहाल हैं। भीषण गर्मी में बिजली न मिलने से लोगों की रात की नींद पूरी नहीं हो पा रही है तो दिन का चैन भी छिन गया है। यह स्थिति लोकसभा चुनाव के लिए मतदान खत्म होने के साथ ही उपजी है। स्थिति यह है कि बिजली विभाग के दावों के इतर कुछ इलाकों में तो चार से पांच घंटे ही सप्लाई मिल पा रही है। अगर यही स्थिति रही तो लोगों का आक्रोश कभी भी उबाल ले सकता है।
म्याऊं वालों ने कहा- सप्लाई नहीं सुधरी तो फिर होगा आंदोलन
म्याऊं। उसैहत फीडर के सौंधामई गांव में बिजली न आने से ग्रामीण परेशान है। ग्रामीणों का कहना है कि पूरे दिन बिजली नहीं आती है। रात को आती है और वह भी सिर्फ चार घंटे के लिए। ग्रामीणों ने बताया कि बिजली की शिकायत कई बार पावर कॉरपोरेशन के अधिकारियों से की गई, लेकिन कोई इस पर ध्यान नहीं दे रहा है। बिजली न आने से रात को मच्छरों का आतंक बढ़ जाता है, जिससे रात गुजारनी मुश्किल हो जाती है। ग्रामीणों ने अब चेतावनी दी है कि यदि उनकी बात नहीं सुनी गई तो सौंधामई, सुनेसर और सिसौरा के ग्रामीण सड़क पर उतरने को मजबूर होंगे। गांव की प्रीति मिश्रा का कहना है कि बिजली न मिलने के कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गर्मी में सबसे ज्यादा दिक्कत छोटे बच्चों को होती है। सूरज का कहना है बिजली नहीं आने से रात में पढ़ाई नहीं हो पाती है। बिजली का इंतजार करते-करते रात के 12 बज जाते है लेकिन बिजली नहीं आती। नरेंद्र सिंह ने कहा कि गांव के सभी घरों में मीटर लगे होने के बावजूद विभाग बिजली देने में असमर्थ साबित हो रहा है। विभाग जब बिजली ही नहीं देता तो बिल क्यों देता है। जगदत्त ने कहा कि बिजली दिन में तो आती ही नहीं है। रात में चार घंटे आती है, उसका भी कोई फायदा नहीं है।
24 घंटे में मिल रही दो घंटे बिजली
फैजगंज बेहटा। नगर में 24 घंटे में मात्र दो घंटे सप्लाई मिल रही है और वह भी ट्रिपिंग के साथ आ रही है। इससे नगर पंचायत पर लगा ओवरहेड टैंक नहीं भर पा रहा है। इससे नगर की पेयजल व्यवस्था भी तीन दिन से ठप पड़ी है। लोग एक-एक बूंद पानी को तरस गए है। बहुत से घरों में नल खराब पड़े हैं, इस वजह से और अधिक परेशानी हो रही है। बिजली न आने से भीषण गर्मी में लोगों की नींद उड़ गई है।
लोगों का गर्मी में बुरा हाल
उघैती। लोकसभा चुनाव खत्म होने के बाद उघैती क्षेत्र में बिजली की आंख मिचौली शुरू हो गई है।
हालात ये हैं कि 24 घंटों में महज से चार से पांच घंटे ही बिजली की सप्लाई मिल पा रही है। जिससे लोगों को हाल बेहाल है।
ग्रामीणों का कहना है कि केवल चुनाव के दौरान ही बिजली ठीक मिली थी। जैसे ही लोकसभा चुनाव खत्म हुआ बिजली ने अपने रंग दिखाने शुरू कर दिए हैं। शासन का आदेश था कि ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों को 24 घंटे बिजली दी जाए, लेकिन उघैती में पॉवर कारपोरेशन के अधिकारियों पर लगता है शासन के आदेश का कोई असर नहीं हो रहा है, यही वजह है अब उघैती क्षेत्र में महज से चार से पांच घंटे ही बिजली दी जा रही है। कस्बे के कल्लू, सोनू कटिया, राकेश, इंद्रेश पाराशरी, अमित कटिया, आशुतोष पाराशरी आदि ग्रामीणों ने पॉवर कारपोरेशन के अधिकारियों से बिजली शेड्यूल के मुताबिक दिलाने की मांग की है।
अघोषित बिजली कटौती से किसान परेशान
बिल्सी। तहसील क्षेत्र के गांव सिरासौल समेत क्षेत्र के दर्जनभर गांवों के किसान इन दिनों पावर कॉरपोरेशन के अधिकारियों की मनमानी के चलते अघोषित कटौती एवं लो वोल्टेज की समस्या से जूझ रहे हैैं, जिसके कारण क्षेत्र के किसान अपनी फसलों की सिंचाई तक नहीं कर पा रहे हैं। इसकी वजह से उनकी फसलें सूख रही हैं। ऐसा नहीं है कि किसानों ने अपनी इस समस्या को लेकर विभाग के अधिकारियों को अवगत न कराया हो, मगर उन्होंने उनकी इस समस्या की ओर कोई ध्यान नहीं दिया है। गांव सिरासौल के शेखर कुमार चौहान, पप्पू सिंह, बलवीर शर्मा, भानुप्रताप सिंह, अजीत सिंह, महेंद्र पाल सिंह, हेमेंद्र सिंह, अनुज प्रताप, संजीव कुमार सिंह आदि ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर समस्या का निदान कराए जाने की मांग की है। इधर विभागीय अधिकारियों का कहना है कि लो वोल्टेज की समस्या का निराकरण उनके स्तर से संभव नहीं है। ब्यूरो