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‘सेना युद्ध लड़ने को थी तैयार, सेनापति ने घुटने टेक दिए’

न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली Updated Thu, 25 Oct 2018 05:11 PM IST
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हड़ताल - फोटो : amar ujala
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‘बहुत दुखद फैसला! कहते हैं जिंदगी हर किसी को एक मौका जरूर देती है, कुछ कर गुजरने का। कुछ डर जाते हैं तो कुछ कर जाते हैं। जो कर जाते हैं, वही इतिहास बनाते हैं और जो डर जाते हैं वे जयचंद कहलाते हैं।’ पुरानी पेंशन बहाली को लेकर हड़ताल स्थगित होने का निर्णय आने के बाद, यह लाइनें एक शिक्षक ने व्हाट्सएप ग्रुप पर शेयर की हैं। सिर्फ वही अकेले नहीं, अन्य तमाम लोग भी अपने वरिष्ठ नेताओं के हड़ताल से पीछे हटने के कदम पर असहमति जता रहे हैं।
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हड़ताल स्थगित होने का संदेश मिलते ही खासतौर पर युवा शिक्षकों में इसे लेकर आक्रोश देखने को मिला। व्हाट्सएप ग्रुपों में तरह-तरह के मेसेज चलने लगे। एक शिक्षिका ने लिखा, ‘छली गई हूं-छली जाऊंगी, ऐसे ही नहीं पांचाली कहलाऊंगी’ हैशटैग धरना.. सेटिंग.. जनता। दूसरे शिक्षक ने कमेंट किया, ‘क्यों लड़ें आप सबके लिए? उन्हें कोई आपका वोट चाहिए पदाधिकारी बनने के लिए?

आजीवन की व्यवस्था बना ली है जिले में कागजी अध्यक्ष बना-बना के।’ एक अन्य शिक्षक ने लिखा, ‘गांधी जी ने जब असहयोग आंदोलन वापस लिया था, तभी भगत सिंह, चंद्रशेखर पैदा हुए थे।’ अगला कमेंट आया, ‘पहली बार देख रहा हूं, सेना युद्ध लड़ने और कुछ कर गुजरने को तैयार है, पर सेनापति ने ही घुटने टेक दिए। बेहद शर्मनाक स्थिति.. लड़कर हारते तो ठीक था, यहां तो लड़ने से पहले ही हार गए।’
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पेंशन बहाली मंच से दिया इस्तीफा..

अरुण कुमार पांडेय को पेंशन बहाली मंच में मीरगंज तहसील संयोजक बनाया था। मगर लखनऊ में हुए निर्णय के बाद उन्होंने व्हाट्सएप पर ही इस्तीफा दे दिया। अरुण ने कहा कि हड़ताल स्थगित होने के निर्णय से आहत हूं। मेरी अंतर आत्मा अब इस पद पर बने रहने की इजाजत नहीं देती। नौ साल के सेवाकाल में पहली बार आंखें नम हुई हैं, आहत होकर। मुझे किसी से कोई गिला नहीं है।

विरोध पर बचाव

इस हड़ताल में कई संगठन शामिल हुए। फैसले में झुकने जैसी कोई वार्ता नहीं हुई है। यह बड़ा फैसला है। युवा साथियों को हम समझाना चाहते हैं कि उनके विरोध में कुछ नहीं है। संगठन काम करेगा और हम उनका पक्ष दमदार तरीके से रखेंगे। - हरीश बाबू शर्मा, प्रदेश संगठन मंत्री, प्राथमिक शिक्षक संघ


दिन में रैली निकालकर भरा जोश शाम को आ गया स्थगन आदेश

पुरानी पेंशन बहाली को लेकर प्रस्तावित हड़ताल उच्च नेतृत्व की वार्ता के बाद बुधवार शाम को स्थगित हो गई। इससे पहले दिन भर हड़ताल की तैयारियां चलती रहीं। जगह-जगह पोस्टर लगाए गए और फिर कर्मचारी, शिक्षक, अधिकारी-पुरानी पेंशन बहाली मंच के नेतृत्व में मोटर साइकिल रैली निकाली गई। यह रैली काष्ठ कला केंद्र से शुरू होकर विकास भवन, डीआईओएस, बीएसए, एडी बेसिक आदि के कार्यालय, आयकर भवन, पीडब्ल्यूडी, सिंचाई विभाग आदि होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचकर समाप्त हुई। कलेक्ट्रेट पर सूक्ष्म सभा का भी आयोजन किया गया। इस दौरान मंडल अध्यक्ष तापस मिश्रा, जिला संयोजक सुनील जैन, डॉ. विनोद शर्मा, इंजी. विवेक शर्मा, डॉ. अंचल अहेरी, रवींद्र सिंह आदि मौजूद रहे।

 
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