बरेली। सरकार ने शरारती और समाज विरोधी तत्वों पर अंकुश लगाने को राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम फिर से बहाल कर दिया है। राज्यपाल से अनुमोदन मिलते ही सभी जिलाधिकारी इसके लिए अधिकृत हो गए हैं।
प्रदेश में कई जिलों में किसी न किसी कारण से हिंसक घटनाएं हुई हैं और उनकी प्रतिक्रिया से अन्य स्थानों पर कानून व्यवस्था प्रभावित हुई। जुलूस आयोजन, धार्मिक उन्माद और कहीं सांप्रदायिकता से बड़े बवाल हुए। कुछ माह पहले ही हमीरपुर जिला में हुई धार्मिक जुलूस पर हुए विवाद के बाद कर्फ्यू लगाया गया था। अब चुनावी माहौल शुरू हो गया है, शरारती तत्व कुछ भी कर सकते हैं। कश्मीर घटना के बाद प्रतिक्रियाएं तेजी से हो रही हैं। इसलिए सरकार ने एक फिर राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (रासुका) बहाल कर दिया है। राज्यपाल से अनुमोदन मिलते ही सरकार ने गजट प्रकाशित किया है। इसमें कहा गया कि कानून व्यवस्था सामान्य रखने को रासुका व्यवस्था बहाल कर दी गयी है। सचिव गृह विभाग भगवान स्वरूप ने आदेश जारी कर कहा है कि सभी जिलाधिकारी इसके लिए अधिकृत होंगे। बरेली समेत सभी जिलों को जारी आदेश में कहा गया है कि रासुका व्यवस्था अगले तीन माह तक प्रभावी रहेगी।