बरेली। सिग्नल टूटने से रेलवे कंट्रोल मुरादाबाद में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में सिग्नल अनुभाग की टीम को मौके पर पहुंचने के आदेश दिए गए। एक घंटे बाद मौके पर पहुंची टीम ने टार्च जलाई तो पता चला कि सेल डाउन हैं, इसके बाद टार्च को एक ओर रखकर मोबाइल की रोशनी में सिस्टम को ठीक करना शुरू किया गया। ज्यादा देर तक काम जारी रहने से मोबाइल की बैटरियां भी डाउन हो गईं। इसके बाद किसी तरह से सिस्टम को ठीक करके टीम ने अपनी पीठ थपथपाई और मंडलीय अधिकारियों को सिस्टम ओके का मेसेज देने के बाद घर चले गए।
बरेली जंक्शन का शुमार मुरादाबाद मंडल के ‘ए’ क्लास स्टेशन में होता है। हर चीज चाकचौबंद है, लेकिन मौके पर सभी इंतजाम धरे रह जाते हैं। ऐसा ही शुक्रवार की शाम हुआ। स्टार्टर सिग्नल टूटने से जंक्शन के प्लेटफार्म चार का सिग्नल फेल हो गया। ट्रेनें रुकने से रेलवे कंट्रोल मुरादाबाद में हड़कंप मच गया। हेड क्वार्टर बड़ौदा हाउस से भी फोन घनघनाने लगे। उस समय सिग्नल टीम रामपुर में काम कर रही थी। सूचना मिलते ही टीम स्टार्टर सिग्नल पर पहुंच गई। शाम होते ही कर्मचारी ने टार्च जलाई तो वह जली नहीं, पता चला कि उसके सेल चार्ज ही नहीं हैं। कर्मचारियों ने टार्च को एक ओर रखकर मोबाइल की लाइट में सिस्टम ठीक करना शुरू किया। रात दस बजे के करीब मोबाइल की बैटरी भी डाउन हो गई। देर रात तक किसी तरह से सिस्टम को ठीक किया और रेलवे कंट्रोल को ओके की रिपोर्ट भेजकर कर्मचारी वापस लौट गए।
गेट खुलने से असमय ही मौत के मुंह में गए थे टीआई
चार साल पहले शाहजहांपुर स्टेशन पर प्लेटफार्म दो से गुजर रही मालगाड़ी का गेट खुलने से ट्रैफिक इंस्पेक्टर (टीआई) कौशलेश उपाध्याय की मौत हो गई थी। वह सुभाष नगर के रहने वाले थे। वह शाहजहांपुर स्टेशन पर तैनात थे और बरेली आने के लिए प्लेटफार्म दो पर ट्रेन का इंतजार कर रहे थे। इस बीच लखनऊ की ओर से आई मालगाड़ी का गेट अचानक खुल गया। गेट का पलड़ा उनके सिर में लगा। स्टाफ उन्हें अस्पताल ले गया, लेकिन रास्ते में उन्होंने दमतोड़ दिया।