बरेली। किसानाें को उनकी फसल का अधिक लाभ मिले इसके लिए आईवीआरआई में फार्मर फर्स्ट परियोजना 30 मई से 8 जून तक चलाई गई। बृहस्पतिवार को इसका समापन हो गया। किसानाें एवं पशुपालकों को संस्थान द्वारा विकसित तकनीक की जानकारी दी गई। इस मौके पर ग्राम कुंडरिया इखलाखपुर से आए किसानाें ने भाग लिया। मुख्य अतिथि संयुक्त निदेशक प्रसार शिक्षा डॉ. अनिल कुमार गर्ग ने बताया कि किसान उन्नत बीत से फसल उगाएं और उपज को बीज की तरह बेचने से अधिक लाभ कमा सकते हैं। उन्होंने कहा कि संस्थान ने पशुओं के विभिन्न रोगों के निदान के लिए टीके व नैदानिक विकसित किये हैं। इसके लिए पशु पोषण भी ध्यान दिया जा रहा है। विशेष खनिज मिश्रण तथा पशु चाकलेट के प्रयोग से दूध का उत्पादन बढ़ता है। यह कार्यक्रम संस्थान निदेशक डॉ. आरके सिंह के निर्देशन में आयोजित किया गया। पशु आनुवंशिकी विभाग के अध्यक्ष डॉ. भारत भूषण ने कृत्रिम गर्भाधान तकनीक के बारे में बताया। इस मौके पर डॉ. रनवीर सिंह, किसानाें को गोबर व जैविक कचरे से खाद बनाना सिखाया। डॉ. अनुज चौहान ने धन्यवाद दिया।