आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण में बड़े पैमाने पर गोलमाल किया गया। 24 आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण में एक करोड़ से ज्यादा का बजट खर्च किया गया। इसमें नौ आंगनबाड़ी केंद्रों की बिल्डिंग दो साल के अंदर गिर गई। गुणवत्ता के अनुरूप निर्माण कार्य न करने और करोड़ों के घपले की शिकायत प्रभारी मंत्री ब्रजेश पाठक से की गई है। उन्होंने पूरे मामले की तकनीकी टीम से जांच कराने की बात कही है।
वर्ष 2013-14 में महिला एवं बाल कल्याण विभाग की ओर से 24 आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण कराया गया था। प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र निर्माण की लागत 4.5 लाख थी। सीडीओ की जांच में 20 से ज्यादा केंद्र निर्धारित गुणवत्ता के अनुरूप नहीं बने पाए गए। आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण पैक फेड और सीएंड डीएस ने कराया था। निर्माण कराने के दो साल के अंदर शहर के मोहल्ला गांधी नगर, ब्लाक बहेड़ी के गांव पिपई, रुडली, इटौआ धुरा, तुरसमपुर बिहारीपुर, सियाठेर, ब्लाक क्यारा के गांव चंदपुर जोगियान, ब्लाक आलमपुर जाफराबाद के गांव चंदपुर जोगियान, चिरंजीव बालकिशन और क्योना सादीपुर के आंगनबाड़ी केंद्रों की बिल्डिंग दो साल के अंदर गिर गई। इनके अलावा किसी आंगनबाड़ी केंद्र की खिड़की गायब है तो किसी छत या छज्जा नहीं बना है। कार्यदायी संस्था सीएंडडीएस और पैकफेड के ठेकेदारों ने केंद्रों के निर्माण में निर्धारित मानक से कम सामग्री लगाकर जैसे तैसे निर्माण कार्य पूरा कराकर उनको हैंडओवर कर दिया। बिल्डिंग गिरते समय कई सहायिकाओं और स्टाफ के चोट भी लगी थी। प्रभारी मंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र गिरने की घटना गंभीर है। शासन स्तर से इसकी जांच कराकर दोषी इंजीनियर और ठेकेदारों पर कार्रवाई की जाएगी।