बरेली। कैंट के सदर स्थित गोल बाजार में करीब ढाई वर्षों से शौचालय के रूप में इस्तेमाल हो रहा वित्त मंत्री का प्याऊ आखिरकार ध्वस्त हो गया। अब यहां अस्थायी प्याऊ बनाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। जिस पर स्थानीय दुकानदार आपत्ति जता रहे हैं। उन्होंने प्याऊ बनाने से बाजार की रौनक कम होने और हादसे बढ़ने की संभावना जताई है।
कैंट क्षेत्र के सदर बाजार में करीब ढाई वर्ष वित्तमंत्री राजेश अग्रवाल ने विधायक निधि से स्थायी प्याऊ निर्माण के लिए करीब दो लाख का बजट जारी किया था। ताकि क्षेत्र वासियों समेत कांवड़ियों के लिए पेयजल की व्यवस्था हो सके, लेकिन लोगों की आपत्ति के चलते प्याऊ का निर्माण बीच में ही रोक दिया गया। निर्माण कार्य शुरू न होने पर लोग इसका इस्तेमाल शौचालय के रूप में करने लगे। जिससे फैली दुर्गंध ने लोगों का यहां से गुजरना मुश्किल हो गया। लंब समय से लोग इसके ध्वस्तीकरण की मांग करते आ रहे थे, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। मामले में कैंट बोर्ड ने पार्षदोें को पत्र लिखकर आपसी सहमति से वित्त मंत्री से प्याऊ ध्वस्त कराने का सुझाव दिया। फिर भी कोई निर्णय नहीं निकला। अमर उजाला ने पिछले दिनों इस मामले को प्रमुखता से प्रकाशित किया तो पार्षदों ने इसे गंभीरता से लिया। पूर्व पार्षद शशिकांत जायसवाल ने वित्त मंत्री से आदेश लेकर प्याऊ ध्वस्त कराकर अस्थायी प्याऊ निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। हालांकि, निवासी अस्थायी प्याऊ लगाने के विरोध में हैं। उन्होंने क्षेत्र में प्याऊ की जरूरत से इंकार किया है।