बरेली। नाम वापसी के साथ सोमवार को लोकसभा चुनाव में प्रत्याशियों की संख्या की तस्वीर पूरी तरह साफ हो जाएगी। प्रशासन सोमवार को ही प्रत्याशियों को चुनाव चिह्न का आवंटन कर देगा। बरेली और आंवला सीट के लिए नामांकन के दौरान 52 प्रत्याशियों ने पर्चे दाखिल किए थे। जांच में पर्चे निरस्त होने के बाद अब इन दोनों सीटों पर कुल 33 प्रत्याशी मैदान में हैं। उम्मीदवारों की संख्या बरेली में 18 और आंवला में 15 है।
लोकसभा चुनाव के लिए 28 से चार अप्रैल तक हुए नामांकन में बरेली में भाजपा से संतोष गंगवार, कांग्रेस से प्रवीण सिंह ऐरन, सपा से भगवत सरन, प्रसपा लोहिया से समन ताहिर के साथ 28 उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया था। निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर पूर्व मेयर सुप्रिया ऐरन और नवाबगंज चेयरमैन शहला ताहिर ने भी नामांकन कराया है। आंवला के लिए भाजपा से धर्मेेंद्र कश्यप, कांग्रेस से सर्वराज सिंह, बसपा-सपा गठबंधन से रुचि वीरा सहित 24 प्रत्याशियों ने नामांकन कराए थे। पांच अप्रैल को जांच में दोनों सीटों के 19 उम्मीदवारों के नामांकन निरस्त हो गए। प्रत्याशियों को आठ अप्रैल को शाम तीन बजे तक नाम वापस लेने हैं। यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रत्याशियों को चुनाव चिह्न का आवंटन भी कर दिया जाएगा। चुनावी खर्च को लेकर लेखा और निगरानी टीमें भी सक्रिय हो जाएंगी।
नाम वापसी होते ही छप जाएंगे बैलेट पेपर
बरेली और आंवला सीट के लिए 3427 पोलिंग बूथों पर इतनी ही संख्या में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन का इस्तेमाल होना है। सोमवार को प्रत्याशियों के नाम स्पष्ट होने के साथ ही ईवीएम के लिए बैलेट पेपर छपवाने की तैयारी भी उसी दिन से शुरू हो जाएगी। इसमें यह भी स्पष्ट हो जाएगा कि ईवीएम में किस उम्मीदवार का नाम किस क्रमांक संख्या पर है और उनका चुनाव चिह्न क्या है। इसके साथ पोस्टल बैलेट को छपवाने और मतदाताओं तक भेजने की प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी।
बरेली में पड़ सकती है दो-दो ईवीएम जरूरत
ईवीएम में 15 प्रत्याशियों के लिए बटन होते हैं। 16वें नंबर का बटन नोटा का होता है। अगर किसी सीट पर इससे ज्यादा उम्मीदवार होते हैं तो वहां प्रत्येक बूथ दो-दो ईवीएम की जरूरत होती है। नाम वापसी के बाद आंवला में प्रत्याशियों की संख्या कम हो गई है लेकिन बरेली सीट पर अभी 18 प्रत्याशी है। इसमें तीन प्रत्याशियों ने नाम वापस न लिए तो प्रशासन को इस सीट के लिए दो ईवीएम की व्यवस्था करानी होगी।
‘नाम वापसी के साथ ही प्रत्याशियों को लेकर स्थिति साफ हो जाएगी। इसके साथ ही ईवीएम के लिए बैलेट और मतदान कर्मियों के लिए पोस्टल बैलेट छपवाने का काम शुरू हो जाएगा।’ - वीरेंद्र कुमार सिंह
जिला निर्वाचन अधिकारी